तुवालु: जानिए केवल 11 हजार आबादी वाले देश को, 30 करोड़ रुपए खर्चकर खोला पहला ATM

नईदिल्ली, फुनाफुटी। समुद्र में डूबने के खतरों का सामना कर रहे प्रशांत द्वीप राष्ट्र तुवालु में पहला एटीएम खोला गया हैं। इस प्रोजेक्ट में करीब 17 करोड़ रुपए (30 लाख ऑस्ट्रेलियन डॉलर) खर्च हुए। जब यहां एटीएम और पॉइंट-ऑफ-सेल नेटवर्क शुरू हुआ तो एटीएम के सामने केक काटकर जश्न मनाने के लिए खुद प्रधानमंत्री फेलेटी टेओ पहुंचे और इसे महान उपलब्धि बताया।

ऑस्ट्रेलिया और हवाई के बीच स्थित यह द्वीप देश इतना अलग-थलग है कि सभी लेन-देन, चाहे स्थानीय हों या आगंतुक, हमेशा नकद में ही किए जाते हैं लेकिन अब तस्वीर बदलेगी।

घरों से लेकर पेड़ों का डिजिटल बैकअप

बदलाव सिर्फ बैंकिंग तक सीमित नहीं है। तुवालु अब खुद को एक डिजिटल देश के रूप में फिर से गढ़ रहा है। जलवायु परिवर्तन के चलते जैसे-जैसे समुद्र इसकी जमीन को निगलता जा रहा है, सरकार एक वर्चुअल तुवालु बना रही है – जिसमें घर, पेड़, समुद्रतट और संस्कृति जैसी हर चीज को डिजिटल रूप में संरक्षित किया जा रहा है। एक ऐसा प्रयास जिसमें आने वाली पीढ़ियों के लिए 11000 नागरिकों की पहचान, अधिकार और यादें सहेजी जा रही हैं। देश ने 2021 में अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरीं, जब तत्कालीन विदेश मंत्री साइमन कोफे ने घुटने तक पानी में खड़े होकर यूएन में भाषण दिया।

रनवे पर खेलते हैं फुटबॉल

तुवालु दुनिया के सबसे छोटे देशों में से एक है, इसके नौ छोटे द्वीप मिलकर सिर्फ 10 वर्ग मील में फैले हैं। एक ही हवाई अड्डा फुनाफुटी पर है, जहां से हर हफ्ते फिजी से कुछ ही उड़ानें आती हैं। जब कोई विमान नहीं उतरता है तो स्थानीय लोग रनवे का इस्तेमाल रग्बी से लेकर फुटबॉल खेलने में करते हैं।

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