नगर निगम में टेंडर को लेकर विवादः ठेका आबंटन प्रक्रिया पर लगा पक्षपात का आरोप

कोरबा 21 मार्च। नगर पालिका निगम कोरबा द्वारा बरबसपुर में भवन निर्माण के लिए जारी किए गए टेंडर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ठेकेदारों के एक वर्ग ने टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता और पक्षपात के आरोप लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार इस टेंडर में कुल 9 ठेकेदारों ने भाग लिया था, जिनमें से 7 के आवेदन तकनीकी कारणों से निरस्त कर दिए गए। इसके बाद केवल 2 निविदाओं को ही खोला गया। ठेकेदारों का आरोप है कि इनमें से एक निविदा “विलो” दर पर बताई जा रही है, जबकि टेंडर अंततः बरबसपुर, कोरबा स्थित अग्रवाल स्टोन को आवंटित कर दिया गया।
विवाद का मुख्य कारण दरों में अंतर को लेकर है। स्थानीय ठेकेदारों का कहना है कि हाल ही में नगर निगम के अन्य टेंडर लगभग 20% नीचे (विलो) दर पर स्वीकृत हुए हैं, जबकि यह टेंडर लगभग 10% (एबब) पर दिया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब कम दरों पर कार्य संभव था, तो अधिक दर पर टेंडर क्यों स्वीकृत किया गया। इसके साथ ही 7 निविदाओं को निरस्त किए जाने के कारणों पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। ठेकेदारों का आरोप है कि तकनीकी आधार पर की गई यह कार्रवाई संदेहास्पद प्रतीत होती है और किसी विशेष पक्ष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ऐसा किया गया हो सकता है।
हालांकि नगर निगम की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो यह मामला नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर सकता है। फिलहाल ठेकेदारों द्वारा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है, ताकि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
