ट्रैफिक पुलिस का एक्शनः राताखार बायपास रोड पर भारी वाहनों पर हुई कार्रवाई, लोगों की आपत्ति पर संज्ञान

कोरबा 17 अपै्रल। औद्योगिक नगर कोरबा में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव के कारण विभिन्न क्षेत्रों में समस्याएं पैदा हो रही है और इसके चलते लोग परेशान हो रहे हैं। कभी यहां तो कभी वहां इस प्रकार के मामले न केवल प्रकाश में आ रहे हैं बल्कि खासतौर पर गर्मी के सीजन में जाम के चक्कर में मुश्किलों की परत मोटी होती जा रही है। ट्रैफिक पुलिस ने ऐसे मामलों को लेकर कठोरता दिखाई है। उसने राताखार बायपास रोड पर जहां भारी वाहन पर कार्रवाई की, वही सीएसईबी चौक के आगे होटल गणेश उनके सामने ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ रही चार पहिया गाडियों को लॉक कर दिया। कहा गया कि अब लगातार इस तरह की कार्रवाई सभी क्षेत्र में चलेगी।

बताया गया कि कुछ दिनों से भारी वाहन के चालकों द्वारा मनमानी किए जाने के चक्कर में राताखार जोड़ा पुल के पास जाम की समस्या पैदा हो रही थी और इसके चक्कर में लोगों को परेशान होना पड़ रहा था। नसीहत देने पर जब कोई सुधार नहीं हुआ तो यहां ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई और 25 से अधिक गाडियों पर एक्शन लिया गया। कार्यवाही के दायरे में आई सभी गाडियां ट्रेलर बताई गई है। इन पर पेनल्टी की गई। गाडियों के चालकों और उनके मालिकों को संदेश दिया गया है कि यातायात नियम के अनुरूप काम किया जाए अन्यथा ऐसी कार्रवाई आगे फिर होगी। एसपी सिद्धार्थ तिवारी, यातायात प्रभारी रविंद्र मीणा के निर्देशन में कार्रवाई को एसआई मालिकराम, एएसआई मनोज राठौर, ईश्वरी लहरे, रामनारायण रात्रे, हेड कांस्टेबल संतोष सिंह, पवन, सुभाष, मेहमान कुर्रे, कांस्टेबल अरूण व लीलाधर चंद्रा ने अंजाम दिया।

ट्रैफिक पुलिस की ओर से सीएसईबी चौराहा और ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा के मध्य होटल गणेश इन के सामने भी अभियान चला कर कई गाडियों को लॉक कर दिया गया। सडक पर बड़ी संख्या में चार पहिया गाडियों को खड़ा कर दिए जाने से यहां सामान्य आवागमन बंद हो रहा था और इस वजह से लोग मुश्किल में थे। आसपास के व्यवसायियों को भी इस तरह की हरकत पर आपत्ति थी और उन्होंने नगर निगम से लेकर प्रशासन के पास शिकायत की थी। आखिरकार इस इलाके में भी कार्रवाई का डंडा चल ही गया। इस पर लगातार काम करने की आवश्यकता जताई गई है।

हाल में ही एक मामले के खुलासे पर बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस के दौरान स्थानीय मीडिया के द्वारा पुलिस अधीक्षक का ध्यान आवागमन से संबंधित समस्याओं पर आकर्षित किया था। अधिकारी को बताया गया था कि किन-किन क्षेत्रों में इस प्रकार की समस्याएं हैं और इसके लिए कौन जवाबदार है। जिस पर उन्होंने मामले को जाना और कहां की निश्चित रूप से इस दिशा में जल्द कार्रवाई कराई जाएगी।

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