कोरबा-चांपा फोरलेन सड़क का काम इस महीने के अंत तक होना मुश्किल

कोरबा। नेशनल हाइवे अथॉरटी ऑफ इंडिया की कोरबा-चांपा फोरलेन सडक़ का काम इस महीने के अंत तक होना मुश्किल दीख रहा है। कटघोरा की तरह उरगा पेट्रोल पंप के पास जमीन अधिग्रहण का पेच फंसा हुआ है। करीब 500 मीटर की सडक़ गड्ढे और धूल के गुबार में गायब हो गई है। जमीन के कारण ही सर्विस रोड भी नहीं बन पाई है। जिसकी वजह से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़? रहा है। उरगा-चांपा फोरलेन की लंबाई 38.200 मीटर है। इसकी लागत 630 करोड रुपए है। इसका निर्माण पूर्ण करने की अवधि दिसंबर 2023 तय की गई थी। जमीन अधिग्रहण में देरी के कारण लगातार ठेका कंपनी को एक्सटेंशन दिया जा रहा है। 1 साल के एक्सटेंशन के बाद अप्रैल 2025 तक काम पूर्ण करने की समय सीमा तय की गई थी। लेकिन उरगा के पास जहां एंट्री पॉइंट है वहां की सडक़ का काम ही शुरू नहीं हो पाया। पेट्रोल पंप के सामने दोनों तरफ की जमीन का अधिग्रहण अभी तक नहीं हो सका है। यही नहीं बारिश के समय सडक़ वहां पर दलदल हो गया था। अब गर्मी के समय धूल उडऩे और गड्ढे होने से हादसे का डर बना रहता है। साता है। उसके बाद भी प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। इसके पहले भी 15 ग्रामो के 247 ग्रामीणों की जमीन छूट गई थी। इसके लिए फिर से 8 हेक्टेयर 18 डिसमिल जमीन ली गई है। अभी तक 4 बार जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है। इसकी वजह से ही 3 साल बाद भी फोरलेन सडक़ पूरी तरह नहीं बन पाई है। मड़वारानी मंदिर को स्थानांतरित करने पश्चात अंडरपास का काम तेजी से हुआ। अब टू-लेन में आवाजाही भी शुरू कर दी गई है। लेकिन एक ओर की सर्विस रोड के लिए मकान को नहीं हटाया गया है। जिसके कारण ही लोगों को परेशानी का को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम बरपाली में सबसे अधिक यातायात का दबाव रहता है। लेकिन जमीन की वजह से ही अभी तक यहां पर अंडरपास का काम अधूरा है। यही नहीं दोनों ओर की सर्विस रोड भी नहीं बन पाई है। लोगों को कीचड़ और गड्डे के बीच ही आवाजाही करनी पड़ रही है। यहां पर रोज जाम लगता है।
फोरलेन सडक़ बनाने के लिए 16 गांवों की जमीन अधिग्रहित की गई है। जमीन और मकान का करीब 300 करोड़ से अधिक का मुआवजा प्रकरण बन चुका है। इसका वितरण भी चल रहा है। इसके बाद भी उरगा में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो पाई है। जमीन मिलती तो अभी तक सडक़ बन जाती। ग्राम कोथारी में जमीन अधिग्रहण में देरी के कारण अंडरपास के टू-लेन का काम शुरू हो गया है। यहां अभी तक एक ओर की सर्विस रोड बन पाई है। जिसके कारण ही कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी है। अभी टू-लेन से आवाजाही होने से लोगों को थोड़ी राहत मिली है। कटघोरा राजमार्ग पर ग्राम मदनपुर में टोल प्लाजा को सडक़ अधूरी होने पर भी शुरू कर दिया गया था। इसी तरह उरगा-चांपा मार्ग पर भी जमनीपाली टोल प्लाजा को शुरू करने की तैयारी है। कटघोरा बायपास नहीं बनने से लोगों को शहर के बीच से होकर आवाजाही करनी पड़ती है। लेकिन ऊर्जा में कोई दूसरा विकल्प नहीं है। कोरबा एसडीएम सरोज कुमार महिलांगे का कहना है कि ग्राम उरगा में कुछ लोगों की जमीन का अवार्ड होना बाकी है। इस महीने तक प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी। बाकी जगह जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डी.डी. पालंवार का कहना है कि जमीन मिले तो सडक़ बनाने में देरी नहीं होगी। बाकी स्थानों पर इस महीने के अंत तक काम पूर्ण हो जाएगा। टोल प्लाज़ा भी शीघ्र शुरू कर देंगे।


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