कोरबा, 7 नवंबर। विभिन्न धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के बीच शुक्रवार को धनतेरस का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इसी के साथ पांच दिवसीय दीपावली पर्व की शुरुआत हो गई। धनतेरस को शुभ खरीदारी का विशेष दिन माना जाता है। यही वजह रही कि सुबह से ही कोरबा नगर सहित उपनगरीय क्षेत्रों के बाजारों में लोगों की भीड़ उमडने लगी। पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला और बाजारों में दिनभर चहल-पहल बनी रही।

पौराणिक मान्यताओं के अंतर्गत समुद्र मंथन में अमृत कलश और आरोग्य शास्त्र के साथ भगवान धनवंतरी का प्राकट्य हुआ था। धनतेरस पर आर्थिक संपदा और आरोग्य के सुख की प्रार्थना करने का विधान तब से अब तक कायम है। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर चिकित्सकों ने लोगों को अच्छा स्वास्थ्य देने के संकल्प के साथ भगवान धनवंतरी की पूजा की। दूसरी ओर आर्थिक संपदा के प्रतीक के तौर पर अपनी जरूरत और सामर्थ्य के हिसाब से खरीदारी की। मिट्टी के दीये, लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं, लाई-बताशे, फूल-मालाएं और पूजन सामग्री की दुकानों पर विशेष भीड़ रही। इसके अलावा घरेलू उपयोग की वस्तुओं, सजावट के सामान और दीपावली से जुड़ी अन्य सामग्रियों की खरीदारी में भी लोगों ने रुचि दिखाई। शहर के प्रमुख बाजारों से लेकर उपनगरीय क्षेत्रों की दुकानों तक ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। कई स्थानों पर भीड़ के कारण सड$कों पर भी चहल-पहल का माहौल नजर आया।

दीपावली की शुरुआत के साथ ही बाजारों में लौटी रौनक से व्यापारियों के चेहरे भी खिले नजर आए। लंबे समय से त्योहार की तैयारी कर रहे छोटे और बड़े कारोबारियों को धनतेरस के दिन अच्छे कारोबार की उम्मीद है। मिट्टी के दीये और पारंपरिक पूजन सामग्री बेचने वाले छोटे दुकानदारों से लेकर घरेलू सामानों के कारोबारियों तक में उत्साह देखा गया। कोरबा शहर के साथ-साथ उपनगरीय क्षेत्र बालकोनगर, कुसमुंडा, बांकीमोंगरा सहित कस्बों में धनतेरस पर जमकर भीड़ रही। हर साल की तरह इस बार भी दीपावली के अवसर पर बाजार में अच्छी बिक्री हुई और त्योहार के शेष दिनों में कारोबार की अच्छी उम्मीद है।

Spread the word