यूपी विधानसभा चुनाव- आकाश आनंद के कंधों पर बसपा का भार, पश्चिमी से यूपी लेकर अवध तक बिछाएंगे पॉलिटिकल बिसात

लखनऊ, 07 नवंबर । विधानसभा चुनाव से पहले बसपा ने अपना आधार मजबूत करने और माहौल बनाने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के भरोसे के बाद उनके भतीजे पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद अब लगातार जनसभाओं के जरिए प्रदेश भर को मथने जा रहे हैं। पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर अवध और कानपुर क्षेत्र तक उनके कार्यक्रम तय किए हैं। आकाश 14 नवंबर को बिजनौर और अगले दिन 15 नवंबर को अयोध्या के बीकापुर में जनसभा करेंगे। इसके बाद 26 नवंबर को पंजाब, 29 नवंबर को बिल्हौर और छह दिसंबर को उत्तराखंड में पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होंगे।इस बीच छह दिसंबर को बाबा साहेब डा. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर राजधानी के डा. आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर होने वाले विशाल श्रद्धांजलि समारोह की तैयारियों का जायजा लेने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र व अन्य पदाधिकारी पहुंचे। खासतौर से पार्टी की ताकत दिखाने के लिए आयोजित समारोह में प्रदेशभर से जुटने वाले कार्यकर्ताओं व समर्थकों को बसपा प्रमुख मायावती संबोधित भी करेंगी। आकाश आनंद ने पूर्व में राष्ट्रीय संयोजक रहते हाथरस में जनसभा कर बसपा के चुनाव अभियान की शुरुआत की थी।
सहारनपुर में उनकी एक सभा हुई थी। इसके बाद मायावती ने उनको पार्टी से बाहर कर दिया था। बाद में आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक संन्यास और अन्य घटनाक्रमों के बसपा प्रमुख ने अक्टूबर में ही आकाश आनंद को दोबारा राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी देकर चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका सौंपी थी।इसके बाद उनके लिए उत्तर प्रदेश के अलावा पंजाब और उत्तराखंड में भी कार्यक्रम तय किए गए। आकाश के इस दौरे को केवल जनसभाओं तक सीमित गतिविधि के बजाय वर्ष 2027 के चुनाव से पहले बसपा के संगठन और राजनीतिक आधार को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी की रणनीति अपने परंपरागत दलित वोट बैंक को मजबूती देने के साथ दूसरे सामाजिक वर्गों तक भी पहुंच बनाने की है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर से अभियान शुरू करने के बाद बीकापुर और बिल्हौर जैसे क्षेत्रों में सभाएं करने के पीछे अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का संदेश भी है। वहीं आकाश का छह दिसंबर को उत्तराखंड में प्रस्तावित कार्यक्रम खास महत्व रखता है। परिनिर्वाण दिवस पर होने वाला यह आयोजन बसपा के लिए वैचारिक और राजनीतिक, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। बुआ और भतीजे, दोनों के कार्यक्रमों से पार्टी बहुजन समाज के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत करने का प्रयास करेगी।
