कोरबा, 5 नवम्बर। दीपोत्सव यानी दीपावली का 5 दिवसीय पर्व 6 नवंबर शुक्रवार को धनतेरस से शुरू हो रहा है। आरोग्य के देवता धनवंतरी की पूजा इस मौके पर मुख्य रूप से करने का विधान है। इसके तीसरे दिन मुख्य पर्व दीपावली पर पूरा क्षेत्र जगमग होगा। पूरे पर्व में वातावरण घर परिवार से लेकर आसपास में स्वच्छता, प्रकाश पर विजय और संपन्नता के लिए ईश्वर से कामना करने का संदेश छिपा हुआ है।

पं. दशरथ नंदन द्विवेदी ने बताया कि मुख्य रूप से धन का अर्थ लोग आर्थिक मामले से जोडकर देखते हैं। वास्तविकता का कुछ अंश धनतेरस के संदर्भ में जुड़ा हुआ है लेकिन वास्तविक रूप से देखा जाए तो संपूर्ण आरोग्यता इसके मूल में शामिल है। इसलिए समुद्र मंथन के दौरान निकले आरोग्य के देवता धनवंतरी की पूजा धनतेरस पर होती है। सच है कि व्यक्ति निरोगी होगा तो दूसरी चीजों के लिए विचार कर सकता है। धनतेरस के अगले दिन नरक चतुदर्शी पर यम के नाम पर दीपक रखने और प्रातः सूर्योदय से पहले स्नान की परंपरा है। तीसरे दिन दीपावली, चौथे दिन गोवर्धन पूजा और अंतिम दिन भाईदूज के साथ परंपराओं की पूर्ति होगी।

Spread the word