आश्विन पूर्णिमा पर मां सर्वमंगला घाट में संपन्न हुई हसदेव आरती, नदी संरक्षण का दिया गया संदेश

नगर निगम के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने निभाई यजमान की भूमिका
नमामि हसदेव सेवा समिति की पहल से आयोजित हुआ धार्मिक कार्यक्रम
कोरबा। कोरबा जिले की जीवनदायिनी हसदेव नदी और उसके प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के उद्देश्य से नमामि हसदेव सेवा समिति की ओर से मां सर्वमंगला मंदिर घाट पर हसदेव आरती का आयोजन किया गया। आश्विन पूर्णिमा के शुभ अवसर पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में नगर निगम के जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक एवं व्यावसायिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने सहभागिता की। आरती के माध्यम से हसदेव नदी के प्रति आस्था व्यक्त करने के साथ ही नदी और अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया गया।

नमामि हसदेव सेवा समिति की ओर से हसदेव नदी, उसकी सहायक नदियों तथा अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने और उनके संरक्षण के उद्देश्य से लगातार पहल की जा रही है। प्रत्येक माह पूर्णिमा के अवसर पर मां सर्वमंगला मंदिर घाट पर हसदेव आरती का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में सोमवार 26 अक्टूबर को सायं 5 बजे मां सर्वमंगला घाट पर हसदेव आरती का भव्य आयोजन किया गया। आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में श्री नूतन सिंह ठाकुर, सभापति, नगर पालिक निगम, कोरबा शामिल हुए। वहीं, विशिष्ट यजमान के रूप में श्रीमती भानुमती जायसवाल, महापौर परिषद सदस्य, नगर पालिक निगम, कोरबा; श्री सुनील यादव, सचिव, जिला अधिवक्ता संघ, कोरबा; डॉ. संजय वैष्णव, कोषाध्यक्ष, आयुष मेडिकल एसोसिएशन, कोरबा तथा श्रीमती मथुरा चन्द्रा, पार्षद, नगर पालिक निगम, कोरबा की सहभागिता रही। जनप्रतिनिधियों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े पदाधिकारियों की मौजूदगी ने आयोजन को सामाजिक सहभागिता से जोडऩे का संदेश दिया।
ज्ञात रहे कि नमामि हसदेव सेवा समिति की इस पहल में पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित आरती के जरिए श्रद्धालुओं को नदी के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में योगदान देने का संदेश दिया जाता है। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना भी इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
उल्लेखनीय है कि हसदेव नदी को कोरबा जिले की जीवनदायिनी नदी माना जाता है। नदी और उसके प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। नदियों में प्रदूषण कम करने, जल स्रोतों को सुरक्षित रखने और नदी तटों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। नमामि हसदेव सेवा समिति की ओर से नियमित रूप से आयोजित की जाने वाली आरती इसी उद्देश्य को धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास है।
