State Pedicon में आधुनिक POCUS Technology की Training, स्कूल में OJAS Programme से बच्चों की सेहत पर होगा फोकस

कोरबा में बाल स्वास्थ्य को लेकर दो महत्वपूर्ण आयोजन

तीन दिवसीय कार्यशाला में देश के विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण

Heart, Brain, Lung Ultrasound से लेकर गंभीर नवजात शिशुओं के प्रबंधन तक होंगे महत्वपूर्ण विषय शामिल

कोरबा। बच्चों और नवजात शिशुओं के बेहतर उपचार, आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के उपयोग तथा स्कूल स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोरबा में 23 अक्टूबर 2026 को दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। एक ओर Chhattisgarh State Pedicon 2026 के अंतर्गत चिकित्सकों के लिए आधुनिक अल्ट्रासाउंड तकनीक POCUS (Point-of-Care Ultrasound) पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन होगा, वहीं दूसरी ओर टी.पी. नगर स्थित श्री हरिकिशन पब्लिक स्कूल में बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक सेहत, पोषण और समग्र विकास पर केंद्रित एक दिवसीय OJAS – National School Health Collaborative Programme आयोजित किया जाएगा।

दोनों कार्यक्रमों का उद्देश्य अलग-अलग स्तर पर बाल स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को सामने लाना है। POCUS कार्यशाला के माध्यम से चिकित्सकों को आधुनिक जांच तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा, जबकि OJAS कार्यक्रम स्कूल समुदाय में बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य तथा कल्याण को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा।

बच्चों के इलाज में Modern Technology का प्रभावी उपयोग

Chhattisgarh State Pedicon 2026 के अंतर्गत होने वाली POCUS Workshop की थीम “Point-of-Care Ultrasound: From Image to Action” रखी गई है। POCUS ऐसी तकनीक है, जिसकी मदद से मरीज के पास ही अल्ट्रासाउंड जांच कर उसकी स्थिति का तत्काल आकलन करने में सहायता मिलती है। बाल चिकित्सा और नवजात शिशुओं के उपचार में यह तकनीक चिकित्सकों को बीमारी की स्थिति समझने और उपचार संबंधी निर्णय लेने में मदद कर सकती है।

कार्यशाला में चिकित्सकों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण, अल्ट्रासाउंड इमेज की व्याख्या और क्लीनिकल परिस्थितियों में तकनीक के उपयोग की जानकारी भी दी जाएगी। इसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पीजी विद्यार्थी, कार्यरत बाल रोग विशेषज्ञ और एनेस्थीसियोलॉजिस्ट शामिल होंगे।

Heart, Brain और Lung Ultrasound पर विशेष प्रशिक्षण

तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में बाल चिकित्सा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं। इनमें हृदय की जांच के लिए ECHO, मस्तिष्क संबंधी अल्ट्रासाउंड, फेफड़ों की जांच, हीमोडायनामिक्स एवं शॉक मैनेजमेंट, गंभीर स्थिति में नवजात शिशुओं के प्रोटोकॉल तथा बच्चों में ट्रॉमा के दौरान POCUS के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इन विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण चिकित्सकों को आपातकालीन परिस्थितियों में मरीज की स्थिति समझने और आवश्यक उपचार संबंधी निर्णय लेने की प्रक्रिया में सहायता कर सकता है। हालांकि, अल्ट्रासाउंड के निष्कर्षों का मूल्यांकन मरीज की समग्र क्लीनिकल स्थिति और आवश्यक अन्य जांचों के साथ किया जाना महत्वपूर्ण है।

सूरत सहित विभिन्न शहरों के विशेषज्ञ देंगे मार्गदर्शन

कार्यशाला में सूरत के Consultant Neonatologist और NfECHO Academy के निदेशक डॉ. मोहित साहनी विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे। कार्यक्रम के फैकल्टी में रायपुर के Consultant Paediatric Cardiologist डॉ. अनिल चौहान, Consultant Paediatric एवं Neonatal Intensivist डॉ. पवन जैन, बिलासपुर के Consultant Neonatologist डॉ. प्रीतिश बनर्जी तथा Associate Professor डॉ. अंकिता चंद्राकर शामिल हैं।

विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को POCUS तकनीक की उपयोगिता, जांच प्रक्रिया और बच्चों तथा नवजात शिशुओं की चिकित्सा में इसके व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा। इस तरह का प्रशिक्षण बाल चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों की जानकारी और चिकित्सकीय कौशल को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

POCUS Workshop की जानकारी

▪️ कार्यक्रम : Chhattisgarh State Pedicon 2026 – POCUS Workshop
▪️ तारीख : 23, 24 और 25 अक्टूबर 2026
▪️ शुरुआती समय : 23 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से
▪️ स्थान : होटल जश्न, कोरबा
▪️ पंजीयन : कॉन्फ्रेंस रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
▪️ अलग कार्यशाला शुल्क : नहीं
▪️ संपर्क : 8085442269 (कॉल, टेक्स्ट या WhatsApp)

स्कूल में बच्चों के स्वास्थ्य पर OJAS Programme

इसी दिन कोरबा के टी.पी. नगर स्थित श्री हरिकिशन पब्लिक स्कूल में OJAS – National School Health Collaborative Programme का एक दिवसीय आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों, किशोरों, शिक्षकों और स्कूल समुदाय के बीच स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाना है।

इस पहल में शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, किशोरावस्था से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी विषय, पोषण, भावनात्मक कल्याण और बच्चों के समग्र विकास जैसे मुद्दों पर फोकस रहेगा। आज के समय में बच्चों की शिक्षा के साथ उनकी मानसिक और शारीरिक सेहत पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण है। संतुलित पोषण, स्वस्थ जीवनशैली और भावनात्मक सहयोग बच्चों के बेहतर विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।

स्कूल स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने वाली ऐसी पहल का उद्देश्य बच्चों की बेहतर देखभाल और स्वस्थ वातावरण के महत्व को सामने लाना है। OJAS कार्यक्रम के माध्यम से स्कूल समुदाय में इन विषयों को लेकर समझ विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।

OJAS Programme की जानकारी

▪️ कार्यक्रम : OJAS – National School Health Collaborative Programme
▪️ तारीख : 23 अक्टूबर 2026
▪️ अवधि : एक दिवसीय
▪️ स्थान : श्री हरिकिशन पब्लिक स्कूल, टी.पी. नगर, कोरबा

बाल स्वास्थ्य और जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

कोरबा में आयोजित होने वाले ये दोनों कार्यक्रम बाल स्वास्थ्य के दो महत्वपूर्ण पहलुओं को सामने लाते हैं। जहां POCUS Workshop चिकित्सकों को आधुनिक अल्ट्रासाउंड तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर केंद्रित है, वहीं OJAS Programme बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य, पोषण तथा मानसिक एवं भावनात्मक कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल है।

चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक की जानकारी और स्कूल स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता, दोनों ही बच्चों की बेहतर देखभाल की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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