‘LG मनोज सिन्हा की वापसी का इंतजार’, मंत्रिमंडल विस्तार पर CM उमर की खामोशी पर बोले फारूक अब्दुल्ला

जम्मू। जम्मू-कश्मीर की सत्ता में काबिज नेशनल कान्फ्रेंस सरकार का बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार एक बार फिर अधर में लटक गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से समय-समय पर दिए गए संकेतों के बावजूद मंत्रिमंडल में फेरबदल की तस्वीर साफ नहीं हो पाई है।
जबकि पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री डा फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा इस समय प्रदेश से बाहर हैं,उनके लौटने के बाद प्रस्तावित विस्तार वास्तविकता बनेगा। इस बीच, नए मंत्रियों के नामों पर सहमति का अभाव, मौजूदा मंत्रियों को लेकर चल रही अटकलें और बागी सांसद आगा सैयद रुहुल्ला द्वारा तीन नवंबर को इस्तीफे का एलान करने जैसे मुद्दे भी नेशनल कान्फ्रेंस नेतृत्व को मंत्रिमंडल विस्तार को अंतिम रूप देने से रोक रहे हैं।
कैबिनेट में तीन मंत्री पद खाली
उल्लेखीनय है कि 16 अक्टूबर 2024 को सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के मंत्रिमंडल में विस्तार की लगातार चर्चा चलती आ रही है। तीन मंत्रीपद खाली पड़े हैं और इसी वर्ष जुलाई में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्वयं कैबिनेट में विस्तार का स्पष्ट संकेत दिया और 10 अगस्त को मुख्यमंत्री ने साफ किया कि 15 अगस्त से पहले विस्तार नहीं होगा।
इसके बाद सितंबर में अक्टूबर के पहले सप्ताह में फेरबदल की संभावना जताई गई। अक्टूबर में विधानसभा सत्र के बाद और नेशनल कान्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला से विचार-विमर्श के उपरांत फैसला लेने की बात उन्हांने की। इसके बावजूद विस्तार की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं हुई औरउन्होंने पूरी तरह मौन धारण कर लिया।
