जलाराम मंदिर में विधि-विधान से हुआ हवन, विश्व कल्याण की कामना के साथ गूंजे वैदिक मंत्रअष्टमी पर

कोरबा, 18 अक्टूबर। औद्योगिक नगरी कोरबा में शारदीय नवरात्र पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ समापन की ओर अग्रसर है। अष्टमी तिथि पर मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। इस पावन अवसर पर शहर के विभिन्न देवी मंदिरों में भक्तिमय वातावरण बना रहा। इसी कड़ी में गुजराती समाज के जलाराम मंदिर में विशेष हवन-पूजन अनुष्ठान का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर देवी भगवती के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था प्रकट की।
जलाराम मंदिर में पुरोहित के मार्गदर्शन में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। सर्वप्रथम वेदी पूजन और विभिन्न देवी-देवताओं का आवाहन किया गया। इसके पश्चात वैदिक परंपरा के अनुसार हवन की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। बीज मंत्रों तथा देवी भगवती की महिमा से जुड़े वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच हवन कुंड में आहुतियां अर्पित की गईं। मंत्रोच्चार से मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय हो उठा और उपस्थित श्रद्धालु पूजा-अर्चना में तल्लीन नजर आए।हवन अनुष्ठान के दौरान क्षेत्र, समाज, पर्यावरण, प्रकृति, राष्ट्र और समस्त चराचर जीव-जगत के कल्याण की कामना की गई। श्रद्धालुओं ने देवी भगवती से सभी के जीवन में सुख-शांति, सद्भाव और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हवन-पूजन को वातावरण की शुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शांति का प्रतीक माना जाता है। नवरात्र के इस पावन अवसर पर आयोजित अनुष्ठान ने समाज के सदस्यों को सामूहिक रूप से आराधना करने और धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।हवन अनुष्ठान की पूर्णाहुति के बाद गुजराती समाज के सभी सदस्यों ने एक साथ देवी भगवती की आरती की। आरती के दौरान श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। मां दुर्गा की आराधना के साथ श्रद्धालुओं ने नवरात्र पर्व के शेष दिनों में भी सेवा, साधना और धार्मिक परंपराओं के निर्वहन का संकल्प व्यक्त किया।
