नवरात्रि पर्व को लेकर मुख्य मार्ग पर बढ़ा यातायात का दबावः जाम से लोग परेशान

यात्री बसों के प्रवेश पर रोक का आदेश भी बेअसर

कोरबा, 18 अक्टूबर। शारदीय नवरात्र पर्व के चलते कोरबा शहर में इन दिनों सडकों पर लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। पूजा-पंडालों, बाजारों और अन्य धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में लोग घरों से निकल रहे हैं। ऐसे में शहर के मुख्य मार्गों पर पहले से ही यातायात का दबाव बना हुआ है। इसके बावजूद मुख्य मार्ग पर यात्री बसों के प्रवेश से स्थिति और बिगड़ रही है। कुछ महीने पहले ही इस मार्ग पर यात्री बसों के प्रवेश पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा लगता है कि इस आदेश का प्रभावी पालन नहीं हो रहा है। नतीजतन, आम नागरिकों को आए दिन जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है।

शहर में सीएसईबी चौक से लेकर जल संसाधन विभाग के नहर पुल और उसके आगे तक लंबे समय से जाम की स्थिति बनी हुई है। व्यस्त समय में इस मार्ग से गुजरना वाहन चालकों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। सडक पर वाहनों का दबाव बढ़ते ही आवाजाही की रफ्तार थम जाती है और दोपहिया, चारपहिया वाहनों के साथ यात्री बसें भी जाम में फंस जाती हैं। ऐसी स्थिति में कम दूरी तय करने के लिए भी लोगों को काफी समय खर्च करना पड़ता है। नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की बढ़ती आवाजाही ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। इस मार्ग पर यातायात प्रभावित होने का असर शहर के दूसरे हिस्सों से आने-जाने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है। रेलवे स्टेशन से लेकर प्रातरूकाल बाईपास और ट्रांसपोर्ट नगर की ओर आने-जाने वाले नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, यात्रियों और अन्य नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जाम में फंसने के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अनावश्यक देरी होती है। जरूरी काम से निकले लोगों का समय बर्बाद होता है, वहीं कई बार निर्धारित समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। सडक पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से पूरा यातायात चींटी की चाल से रेंगता नजर आता है।

एक ओर शहरवासी यातायात जाम से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का दबाव भी लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। जाम में लंबे समय तक वाहनों के खड़े रहने या धीमी गति से चलने के कारण ईंधन की खपत बढ़ती है, जिससे वाहन चालकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। ऐसे में आम लोगों के लिए रोजाना की आवाजाही भी परेशानी का कारण बनती जा रही है। शहरवासियों का मानना है कि जब मुख्य मार्ग पर यात्री बसों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए पहले ही आदेश जारी किया जा चुका है, तो उसका सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए। विशेषकर नवरात्र और अन्य प्रमुख पर्वों के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जिम्मेदार विभागों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। मुख्य मार्ग पर बसों की आवाजाही नियंत्रित करने, यातायात पुलिस की तैनाती बढ़ाने और जाम की समस्या वाले स्थानों पर प्रभावी व्यवस्था बनाने से लोगों को राहत मिल सकती है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कोई ठोस कदम उठाते हैं या फिर शहरवासी इसी तरह रोजाना जाम की परेशानी झेलने को मजबूर रहेंगे।

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