हाथियों के आतंक से आक्रोशित ग्रामीणों ने पसान में किया चक्काजाम

कोरबा। जिले के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत पसान क्षेत्र में हाथियों के लगातार उत्पात और किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार आज सुबह सडक़ पर उतर आया। हाथियों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर पसान की पूर्व सरपंच विनीता देवी और महिला नेत्री सरोज अग्रवाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पसान बस स्टैंड पर चक्का जाम कर दिया। चक्का जाम के कारण पेंड्रा-कटघोरा मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया तथा मार्ग के दोनो ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

बाद में सूचना मिलने पर पसान तहसीलदार एवं पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम मौके पर पहुंचे और चक्काजाम कर रहे ग्रामीणों से चर्चा कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। जिस पर ग्रामीण सहमत हो गए और चक्काजाम समाप्त कर दिया। चक्काजाम समाप्त होने के बाद मार्ग के दोनों ओर फंसे वाहन चालक अपने-अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए।

ग्रामीणों के अनुसार, पसान क्षेत्र में पिछले कई महीनों से बड़ी संख्या में हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। हाथियों के झुंड खेतों में पहुंचकर धान की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। साथ ही आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचकर घरों को भी डेमेज कर दे रहे हैं। क्षेत्र में हाथियों के आतंक के कारण ग्रामीणों को अपने घरों और खेतों की सुरक्षा के लिए रातभर जागना पड़ रहा है। खपरैल पर चढक़र जान बचानी पड़ रही है। लगातार बढ़ती परेशानी के बीच ग्रामीणों ने अब समस्या के समाधान के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाया है। फिलहाल आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है लेकिन यदि आश्वासन पर कार्यवाही नहीं हुई तो वे पुन: अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू करेंगे।

जानकारी के अनुसार पसान की पूर्व सरपंच विनीता देवी और महिला नेत्री सरोज अग्रवाल के नेतृत्व में ग्रामीण बस स्टैंड पर एकत्र हुए और मार्ग पर बैठने के साथ चक्काजाम कर अपनी नाराजगी जताई। चक्काजाम लगभग दो घंटे तक चला। इस दौरान मार्ग से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार पूरी तरह ठप्प रही। चक्का जाम के कारण पेंड्रा-कटघोरा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। ग्रामीणों की मांग है कि हाथियों से प्रभावित गांवों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, फसल नुकसान का उचित मुआवजा मिले और हाथियों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ाई जाए।

पसान क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों की सुरक्षा और किसानों की आजीविका पर असर पड़ रहा है। ग्रामीण चाहते हैं कि वन विभाग केवल आश्वासन तक सीमित न रहे, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, सुरक्षा और मुआवजे की व्यवस्था को प्रभावी बनाए।
ग्रामीणों ने हाथियों से प्रभावित परिवारों को राहत देने, फसलों और मकानों को हुए नुकसान का आकलन कराने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि समस्या का प्रभावी समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। फिलहाल चक्काजाम के जरिए ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग का ध्यान अपनी परेशानी की ओर आकर्षित किया है। अब ग्रामीणों की मांगों पर प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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