कही-सुनी @ रवि भोई

कही-सुनी (11OCT-26) : रवि भोई
चर्चा में जामवाल जी की विदाई
छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री के पद से महाराष्ट्र के संगठन महामंत्री बनाए गए अजय जामवाल की राजधानी रायपुर से विदाई चर्चा में है। कहते हैं कि अजय जामवाल जी को राजधानी रायपुर से मुंबई छोड़ने के लिए यहां से एक दर्जन से अधिक लोग गए थे। इसमें एक विधायक, एक महापौर के अलावा संगठन से जुड़े कई लोग शामिल थे। ये लोग कुछ दिन मुंबई में रुके भी और जामवाल जी के साथ जगह-जगह नजर आए। सुनने में आ रहा है कि प्रदेश भाजपा का एक पदाधिकारी जामवाल जी का सामान पहुँचाने के लिए मुंबई तक गया। बताते हैं कि जामवाल जी का सामान एक पिकअप में गया। पदाधिकारी जी अपने वाहन से सामान की देखरेख करते अपने वाहन से गए। कुछ पदाधिकारी नए संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह को लेने रांची तक पहुंच गए थे और वे लोग छत्तीसगढ़ से झारखंड के संगठन महामंत्री बनाए गए पवन साय के साथ साये की तरह नजर आए। जामवाल जी की विदाई और नए संगठन मंत्री के स्वागत में बाजी मारने वालों को लेकर दूसरे पदाधिकारी खफा हैं। आपस में तलवारें खींचने की बात भी सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि स्वागत और विदाई के अभियान से प्रदेश भाजपा दफ्तर का माहौल गरमा गया है।
निजी प्रोजेक्ट में मंत्री की भागीदारी
हल्ला है कि नवा रायपुर के एक प्रोजेक्ट में राज्य के एक मंत्री पार्टनर हैं। कहते हैं इस प्रोजेक्ट के लिए प्रमोटरों को सरकारी जमीन सस्ते दर पर मिली है। सुनने में आ रहा है नवा रायपुर में प्रमोटर अलग तरह का प्रोजेक्ट लाने वाले हैं। यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ में यूनिक होगा। बताते हैं कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस प्रोजेक्ट की नींव रखी। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में मंत्री जी काफी सक्रिय दिखे। यहां तक कि मंत्री जी मेहमाननवाजी करते भी नजर आए। इसी से लोगों ने मंत्री जी का प्रोजेक्ट से रिश्ता जोड़ लिया। यही नहीं, मंत्री जी के राज्य के कुछ और भी प्रोजेक्ट में पार्टनर होने की सुगबुगाहट है।
सुर्ख़ियों में रहने वाले आईपीएस का प्रमोशन
प्रोबेशन अवधि में ही सुर्ख़ियों में रहने वाले 2022 बैच के आईपीएस राहुल बंसल को सरकार ने एएसपी बनाकर बीजापुर भेज दिया। यह अलग बात है कि उन्हें मुख्यधारा की पुलिसिंग की जगह आपरेशन में लगाया है। अंबिकापुर में सीएसपी रहते आईपीएस राहुल बंसल एक मामले में देश में सुर्ख़ियों में रहे और अब प्रमोशन भी पा लिया। कहते हैं कि दिल्ली की एक अदालत के कमेंट के बाद चर्चा में आए राहुल बंसल को तत्काल हटाने की जगह मामला ठंडा होने के बाद उनकी अंबिकापुर से सम्मानजनक विदाई कर दी। खबर है कि सुर्ख़ियों में रहते हुए भी राहुल बंसल प्रोबेशन अवधि पूरा होने के बाद भी करीब आठ महीने और सीएसपी की जिम्मेदारी संभाली। सरकार ने हाल ही में नए-नवेले आईपीएस अफसरों की पोस्टिंग बदली है, जिसमें राहुल बंसल का भी नाम है।
अफसर का वाहन मोह
कहते हैं एक आला अफसर विभाग बदलने के बाद भी पुराने विभाग के वाहन का मोह छोड़ नहीं पाए और अपने कब्जे में रखे हुए हैं। खबर है कि विभाग के लिए दो नई गाड़ियां उन्हीं के कार्यकाल में खरीदी गई थी, उन्हें दोनों सरकारी वाहन भा गए और उपयोग करने लगे। सरकार ने उनका विभाग बदल दिया,तो कायदे से उन्हें पुराने विभाग के वाहन को भी छोड़ देना चाहिए। चर्चा है कि साहब ने वाहनों को दिल से लगा लिया। सुनने में आ रहा है कि जिस विभाग की गाड़ी है, उस विभाग के एक अफसर ने वाहनों को लौटाने का संदेश साहब को भिजवाया, पर साहब ने दो टूक कह दिया, वे तो फिलहाल गाड़ियों का इस्तेमाल करेंगे।
मंत्री पर ही नकेल
प्रजातंत्र में मंत्री अफसरों पर नकेल कसता है। छत्तीसगढ़ में तो उल्टी कहानी चल रही है। अफसरों ने ही मंत्री पर नकेल कस दिया है। इसके कारण मंत्री के विभागों में काम नहीं हो पा रहा है। मंत्री के पास जनता से सीधे जुड़े विभाग हैं। एक विभाग में कई ठेकेदारों का भुगतान रुका है, तो दूसरे विभाग में गाड़ी खिसक ही नहीं रही है। बताते हैं मंत्री के विभाग से एक सचिव को बदलने के लिए मुख्यमंत्री जी राजी हो गए थे, पर मुख्यमंत्री सचिवालय के एक अफसर ने पेंच फंसा दिया और मामला ठंडे बस्ते में चला गया। मंत्री जी लोगों के निशाने पर हैं। अब देखते कब माहौल बदलता है।
मंत्री जी ने रिश्तेदारों पर लगाया अंकुश
कहते हैं राज्य के एक मंत्री जी अपने रिश्तेदारों पर अंकुश लगा दिया है। सुनते हैं कि मंत्री जी से ज्यादा पावरफुल उनके रिश्तेदार हो गए थे। रिश्तेदार लोगों से सीधे संपर्क करने लगे थे। ऐसा लगने लगा था कि मंत्री जी कुछ नहीं हैं, जो कुछ हैं रिश्तेदार ही हैं। इससे मंत्री जी कुर्सी पर खतरा मंडराने लगा था। बताते हैं कि मंत्री जी ने अपने रिश्तेदारों से दो टूक कह दिया कि उनके चक्कर में दिल्ली दरबार तक गलत संदेश जा रहा है। खबर है कि मंत्री जी अब बंगले में रिश्तेदारों से नहीं मिलते। मुलाक़ात के अलग जगह तय कर दी है।
17 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ से 10 हजार लोग दिल्ली जाएंगे ?
सेवा संकल्प अभियान के समापन पर 17 अक्टूबर को राज्य से करीब 10 हजार भाजपा पदाधिकारियों को दिल्ली भेजने की तैयारी चल रही है। इसमें बड़े पदाधिकारियों के साथ ग्राम पंचायत से नगर निगम स्तर के भाजपा पदाधिकरियों और जन प्रतिनिधि शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सेवा पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देश भर में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। मोदी जी 25 साल पहले गुजरात के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी। वे तब से सत्ता में हैं। सेवा संकल्प अभियान का मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक सेवा काल के प्रति आभार व्यक्त करना और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है।
(लेखक पत्रिका समवेत सृजन के प्रबंध संपादक और स्वतंत्र पत्रकार हैं।)
