पसान रेंज के तरईनार जंगल में गूंज रहा गजराजों की चिंघाड़, ग्रामीणों में दहशत

कोरबा, 1 अक्टूबर। जिले के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत पसान रेंज के तरईनार क्षेत्र मेें 52 की संख्या में हाथी विचरण कर रहे है। हाथियों का दल दिनभर जंगल में विश्राम करने के बाद शाम होते ही वहां से निकल कर खेतो में पहुंच जा रहे है। और रात भर वहां अलग अलग झुडों में बटकर उत्पात मचाते हुए धान की फस्ल को नुकसान पहुंचाने के बाद वापस जंगल लौट जाते है।
हाथियों के उत्पात से ग्रामीण बेहद परेशान है वहीं वन विभाग को भी हाथियों की निगरानी में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालाकि वन विभाग की ओर से इस कार्य के लिए दिन रात कर्मचारियों की अलग अलग ड्यूटी लगाई गई है। जो क्षेत्र में मौजूद हाथियों की निगरानी करने के साथ गांव में मुनादी करते है और सुनसान क्षेत्र में स्थिति घरों में रहरहे लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर शाम होते ही ठहराते है। जानकारी के अनुसार पसान रेंज के पसान सर्किल में 32 हाथियों का पहला दल गत 22 सिंतबर को पहुंचा था। उसके बाद एकएक कर हाथियों का सभी दल यहां पहुंच गया। वर्तमान में 52 हाथी सर्किल के तरईनार क्षेत्र मेें सक्रिय है। इनमें छोटे छोटे शावकों के अलावा दंतैल हाथी भी शामिल है। बड़ी संख्या मेेें हाथियों की मौजूदगी से क्षेत्र का जंगल जहां हाथियों की चिघाड़ से गूंज रहा है।
वहीं ग्रामीणों को खतरा बना हुआ है। ग्रामीण दहशत में रात गुजारते है। हाथियों का दल दिनभर जंगल में विश्राम करने के बाद शाम होते ही वहां से निकल कर खेतो में पहुंच जा रहे है। और रात भर वहां अलग अलग झुडों में बटकर उत्पात मचाते हुए धान की फस्ल को नुकसान पहुंचाने के बाद वापस जंगल लौट जाते है। हाथियों के उत्पात से ग्रामीण बेहद परेशान है वहीं वन विभाग को भी हाथियों की निगरानी में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालाकि वन विभाग की ओर से इस कार्य के लिए दिन रात कर्मचारियों की अलग अलग ड्यूटी लगाई गई है। जो क्षेत्र में मौजूद हाथियों की निगरानी करने के साथ गांव में मुनादी करते है और सुनसान क्षेत्र में स्थिति घरों में रहरहे लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर शाम होते ही ठहराते है।
इधर कोरबा वन मंडल के करतला रेंज में भी तीन हाथियों की दस्तक हो गई है कुदमुरा के रास्ते अचानक पहुंचे हाथियों ने बीतीरात रेंज के बड़मार गांव में उत्पात मचाते हुए तीन ग्रामीणों के खेतों में लगे धान की फसल को रौंद दिया जिससे ग्रामीणों को हजारों रूपये का नुकसान उठाना पड़ा पीडि़त ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने पर वन अमला मौके पर पहुंचकर हाथियों की निगरानी व नुकसानी के आकलन में जुट गया है।
