कोरबा में 50 से ज्यादा हाथियों की मौजूदगी: गांव-खेतों तक पहुंच रहे झुंड, दंतैल ने कच्चा मकान तोड़ा

कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल में हाथियों की सक्रियता लगातार बनी हुई है। वनमंडल की अलग-अलग रेंज में 50 से अधिक हाथियों की मौजूदगी बताई जा रही है। हाथियों के झुंड जंगल से निकलकर गांव और खेतों के आसपास पहुंच रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। हाथियों द्वारा धान की फसल को नुकसान पहुंचाने की भी जानकारी सामने आई है।
पसान में करीब 30 हाथियों का झुंड
पसान रेंज में करीब 30 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। झुंड लगातार खेतों तक पहुंच रहा है और धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहा है। इसी झुंड से अलग हुआ एक दंतैल हाथी आबादी वाले इलाकों के आसपास पहुंच रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, झुंड से अलग होने के बाद दंतैल हाथी गांवों और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर पहुंच रहा है। इससे ग्रामीणों को दिन और रात दोनों समय सतर्क रहना पड़ रहा है।
दंतैल हाथी ने कच्चे मकान को पहुंचाया नुकसान
पसान रेंज के मोहनपुर और पोड़ीकला के बीच जंगल में थुहानाला के पास दंतैल हाथी ने रात में परदेशी के कच्चे मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथी की आहट मिलते ही परदेशी अपने परिवार के साथ घर के एक कमरे में सुरक्षित हो गया।
इसके बाद हाथी ने मकान के कई हिस्सों को तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की लगातार आवाजाही के कारण उन्हें अपने घर और खेतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
केंदई से पसान और जटगा तक हाथियों की मौजूदगी
हाथियों का झुंड केंदई क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए पसान रेंज के बनिया क्षेत्र तक पहुंच गया है। वहीं जटगा रेंज में भी हाथियों का एक झुंड विचरण कर रहा है।
वन विभाग प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क कर रहा है। लोगों से हाथियों के नजदीक नहीं जाने और अकेले जंगल या खेतों की ओर नहीं जाने की अपील की जा रही है। वन विभाग की टीमें हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
करतला में भी पहुंचा 9 हाथियों का झुंड
कोरबा वनमंडल के करतला रेंज में भी नौ हाथियों का झुंड बेहरचुआं पहुंच गया है। इससे पहले इन हाथियों की मौजूदगी लबेद क्षेत्र के आसपास दर्ज की गई थी।
वहीं कुदमुरा रेंज में विचरण कर रहा एक दंतैल हाथी वापस धरमजयगढ़ वनमंडल की सीमा में लौट गया है। वन विभाग अलग-अलग क्षेत्रों में हाथियों की निगरानी कर रहा है और ग्रामीणों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
