त्योहारी सीजन में ट्रेन रद्द, स्टेशन के सामने किया प्रदर्शन

कोरबा 15 सितंबर। छत्तीसगढ़ में तीजा-पोरा और गणेश चतुर्थी जैसे प्रमुख त्योहारों के बीच 12 लोकल ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। खासकर महिलाओं और रोजाना सफर करने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रेलवे ने ट्रेनों के रद्द होने के पीछे तकनीकी कारण बताया है, लेकिन जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने इसे स्थानीय लोगों के साथ अन्याय बताते हुए कोरबा में रेल प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि रेलवे यात्री ट्रेनों की बजाय मालगाडियों को प्राथमिकता दे रहा है।

तीजा-पोरा और गणेश चतुर्थी के मौके पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर और रायपुर मंडल से संचालित 12 लोकल ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। ऐन त्योहार के समय ट्रेनें बंद होने से कोरबा सहित बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग क्षेत्र के यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं। यात्रियों का कहना है कि लोकल ट्रेनें बंद होने से उन्हें वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। ट्रेनों के रद्द होने के विरोध में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेता जैनेंद्र कुर्रे और सुरेंद्र सोनू राठौर ने कोरबा में रेल प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखा जाना चाहिए था।

नेताओं ने आरोप लगाया कि दूसरे त्योहार पर एक्स्ट्रा गाड़ी चलाई जाती है और छत्तीसगढ़ से जुड़े मामले में गाड़ी बंद कर दी जाती हैं। कोरबा के मामले में रेल प्रबंधन रवैया काफी समय से नकारात्मक रहा है। ऐसे में अगर उसके द्वारा त्योहार सीजन में 12 ट्रेन रद्द कर दी गई है तो यह हैरानी की बात नहीं होना चाहिए।

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