रेलवे स्टेशन में आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल, इमरजेंसी रेस्क्यू का किया अभ्यास

कोरबा 04 सितम्बर। रेलवे स्टेशन या ट्रेन में अचानक हादसा, आगजनी अथवा किसी अन्य आपात स्थिति से निपटने के लिए कोरबा पुलिस ने रेलवे स्टेशन में संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की। इसमें मेडिकल टीम, होमगार्ड और कोरबा पुलिस के जवानों ने हिस्सा लेकर आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित रेस्क्यू और राहत कार्य का अभ्यास किया।

मॉक ड्रिल के दौरान यह अभ्यास किया गया कि किसी दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक कैसे पहुंचाया जाए, रेस्क्यू टीम किस रूट से मौके पर पहुंचे और अलग-अलग विभागों के बीच किस तरह तत्काल समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जाए।

आग लगने पर क्या करें, यात्रियों को दी जानकारी
ट्रेन की पैंट्री अथवा स्टेशन परिसर में आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए फायर सेफ्टी और होमगार्ड कर्मचारियों ने फायर एक्सटिंग्विशर के इस्तेमाल का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। यात्रियों को समझाया गया कि आग लगने पर घबराने के बजाय सुरक्षित रास्ते से बाहर निकलें और उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों का सावधानीपूर्वक उपयोग करें।मॉक ड्रिल के साथ कोरबा पुलिस ने साइबर जागृति अभियान के तहत यात्रियों को साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक किया। यात्रियों को जैसे सार्वजनिक का उपयोग करते समय बैंकिंग, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई।

पुलिस ने संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने और अनजान वेबसाइट या ऐप पर व्यक्तिगत जानकारी दर्ज नहीं करने की अपील की। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करने की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी, रक्षित निरीक्षक अनथ राम पैंकरा,इंस्पेक्टर सतीश कुमार, साइबर थाना निरीक्षक ललित चंद्रा सहित , मेडिकल टीम, होमगार्ड और कोरबा पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया पर जोर
मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल रेस्क्यू प्रक्रिया का अभ्यास करना नहीं, बल्कि आपदा के दौरान निर्णय लेने की गति, रेस्क्यू रूट, संसाधनों के इस्तेमाल और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल को मजबूत करना रहा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि वास्तविक आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

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