लेमरू क्षेत्र में चोरनई नदी पर बनेगा 85 मीटर लंबा एनीकेट, राशि स्वीकृत

कोरबा 30 अगस्त। कोरबा ब्लॉक के लेमरू क्षेत्र में चोरनई नदी पर 11 करोड़ 68 लाख 57 हजार 39 रुपए की लागत से 85 मीटर लंबा एनीकट बनाया जाएगा। जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से कलेक्टर कुणाल दुदावत ने निर्माण के लिए राशि स्वीकृत कर दी है। एनीकट बनने के बाद क्षेत्र के 13 गांवों की पेयजल योजनाओं को पानी उपलब्ध कराने के साथ करीब 200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित हो सकेगी। निर्माण कार्य बारिश के बाद शुरू होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 16 मई को सुशासन तिहार के तहत लेमरू पहुंचे थे। इस दौरान ग्रामीणों ने चोरनई नदी पर एनीकट निर्माण की मांग रखी थी। ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने एनीकट निर्माण की घोषणा की। इसके बाद जल संसाधन विभाग की टीम ने स्थल निरीक्षण कर निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया और विभागीय स्तर पर स्वीकृति के लिए भेजा। विभागीय मद से राशि मिलने में संभावित देरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिला खनिज न्यास से निर्माण राशि स्वीकृत की है। अब तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद टेंडर जारी किया जाएगा। चोरनई नदी पर प्रसिद्ध देवपहरी का गोविंद झुंझा जलप्रपात भी स्थित है। लेमरू क्षेत्र में गर्मी के दिनों में जल संकट की स्थिति बनती है। भू-जल स्तर नीचे जाने से कई स्थानों पर हैंडपंप बंद हो जाते हैं। ग्रामीणों की इसी समस्या को देखते हुए नदी पर पुल से करीब 500 मीटर नीचे एनीकट का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। यह चोरनई नदी पर बनने वाला पहला एनीकट होगा। क्षेत्र में फिलहाल सिंचाई की कोई स्थायी सुविधा उपलब्ध नहीं है। एनीकट बनने से नदी के पानी को रोककर आसपास के गांवों की पेयजल योजनाओं और कृषि कार्यों के लिए उपयोग किया जा सकेगा।

3.50 मीटर होगी एनीकट की ऊंचाई
प्रस्तावित एनीकट की ऊंचाई 3.50 मीटर होगी। अधिकारियों के अनुसार एनीकट बनने से नदी के पानी का बहाव नियंत्रित होगा। वर्तमान में तेज बहाव के कारण बारिश के दौरान नदी में बाढ़ जैसी स्थिति भी बनती है। एनीकट से जलप्रवाह की गति कम होने और पानी के संरक्षण में मदद मिलने की उम्मीद है।

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