जिला पंचायत अध्यक्ष की इनोवा को पिकअप ने मारी जोरदार टक्कर, बाल-बाल बचे गौरी शंकर कश्यप

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नेशनल हाईवे-130 सी (NH-130C) पर गुरुवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हो गया। हादसे में जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप बाल-बाल बच गए। वे अपनी इनोवा कार से निजी निवास से राजधानी रायपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान राजापड़ाव के पहले हाईवे के एक मोड़ पर सामने से आ रही पिकअप ने उनकी इनोवा को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी तेज थी कि इनोवा वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। राहत की बात यह है कि जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप सुरक्षित बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी पुलिस को दे दी गई है और मामले की जांच की जा रही है।
हाईवे के मोड़ पर हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप गुरुवार सुबह अपनी इनोवा कार से राजधानी की ओर रवाना हुए थे। वे अपने निजी निवास से रायपुर जा रहे थे। इसी दौरान राजापड़ाव के पहले NH-130C पर एक मोड़ के पास सामने से आ रही पिकअप उनकी कार से जा भिड़ी।
बताया जा रहा है कि पिकअप गरियाबंद की ओर से आ रही थी। मोड़ पर दोनों वाहनों के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इनोवा का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति संभालने में मदद की। घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई। फिलहाल हादसे के कारणों को लेकर जांच की जा रही है।
बाल-बाल बचे जिला पंचायत अध्यक्ष
सड़क हादसे में जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप के सुरक्षित बच जाने से बड़ी राहत मिली है। जिस तरह से दोनों वाहनों के बीच जोरदार भिड़ंत हुई और इनोवा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई, उसे देखते हुए हादसा गंभीर हो सकता था।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार गौरी शंकर कश्यप को किसी गंभीर चोट की सूचना नहीं है। हादसे के बाद उनके समर्थकों और परिचितों ने भी राहत की सांस ली।
पुलिस घटना स्थल का निरीक्षण कर रही है और दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।
जुगाड़ और मैनपुर थाना क्षेत्र के बीच हादसा
बताया गया है कि दुर्घटना जुगाड़ और मैनपुर थाना क्षेत्र के बीच हुई है। राजापड़ाव से पहले हाईवे के जिस मोड़ पर हादसा हुआ, वहां सड़क की स्थिति और मोड़ के कारण वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।
बरसात के मौसम में सड़क पर फिसलन, कम दृश्यता और मोड़ के कारण दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में इस मार्ग पर वाहन चलाने वाले लोगों को गति नियंत्रित रखने की जरूरत होती है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भी हाईवे के इस हिस्से को लेकर चिंता जताई है।
NH-130C का करीब 40 किलोमीटर हिस्सा हादसों के लिहाज से संवेदनशील
स्थानीय लोगों के मुताबिक नेशनल हाईवे-130 सी पर झरियाबहारा से धूर्वागुड़ी के बीच करीब 40 किलोमीटर का हिस्सा बरसात के दौरान हादसों के लिहाज से बेहद संवेदनशील हो जाता है।
लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर कई जगह सड़क की स्थिति और घुमावदार हिस्सों के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के दौरान सड़क पर अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार अभ्यारण्य क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण का काम नहीं होने के कारण कई जगह यातायात प्रभावित होता है। इस वजह से भी वाहन चालकों को परेशानी होती है।
अभ्यारण्य क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण नहीं होने की शिकायत
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे का यह हिस्सा अभ्यारण्य क्षेत्र से होकर गुजरता है। वन क्षेत्र से जुड़े नियमों के कारण सड़क चौड़ीकरण को लेकर लंबे समय से समस्या बनी हुई है।
सड़क की चौड़ाई और घुमावदार हिस्सों को लेकर वाहन चालकों को कई जगह सावधानी बरतनी पड़ती है। बारिश के दौरान जब सड़क पर पानी और फिसलन बढ़ जाती है, तब दुर्घटना का जोखिम और अधिक हो जाता है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से इस मार्ग की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
एक महीने पहले भी हुआ था बड़ा हादसा
स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब एक महीने पहले भी इसी हाईवे पर बड़ा सड़क हादसा हुआ था। उस दुर्घटना में देवभोग रेंजर समेत दो लोगों की मौत हुई थी।
इस घटना के बाद भी हाईवे के संवेदनशील हिस्सों को लेकर सवाल उठे थे। अब जिला पंचायत अध्यक्ष की कार दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद एक बार फिर इस मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था चर्चा में आ गई है।
लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे के संवेदनशील हिस्सों की पहचान कर वहां सड़क सुरक्षा से जुड़े इंतजाम किए जाने चाहिए।
बारिश में बढ़ जाता है दुर्घटना का खतरा
गरियाबंद जिले के इस हिस्से में मानसून के दौरान सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है। बारिश के कारण सड़क पर फिसलन बढ़ने के साथ-साथ कई बार सामने से आने वाले वाहनों को देखने में भी परेशानी होती है।
घुमावदार सड़क पर यदि वाहन की गति अधिक हो तो चालक के लिए सामने से आने वाले वाहन को समय पर देखना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में आमने-सामने की टक्कर की संभावना बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में हाईवे पर वाहन चालकों को गति कम रखने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने और मोड़ पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
हादसे के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। दोनों वाहनों की स्थिति और दुर्घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।
हादसे के बाद सड़क पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर पहुंच गई थी।
पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि हादसा किस वजह से हुआ और दोनों वाहनों की टक्कर किन परिस्थितियों में हुई।
स्थानीय लोगों ने उठाए सड़क सुरक्षा पर सवाल
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने एक बार फिर NH-130C की सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि संवेदनशील हिस्सों में जरूरी सुरक्षा संकेतक, मोड़ पर चेतावनी बोर्ड और अन्य यातायात सुरक्षा उपाय होने चाहिए।
खासकर बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति को देखते हुए संबंधित विभाग को नियमित निरीक्षण करना चाहिए। जहां सड़क पर फिसलन या दृश्यता की समस्या है, वहां वाहन चालकों को पहले से चेतावनी देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों के अनुसार यदि हाईवे के संवेदनशील हिस्सों पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं तो सड़क हादसों की संख्या कम की जा सकती है।
फिलहाल सुरक्षित हैं गौरी शंकर कश्यप
हादसे की सबसे बड़ी राहत वाली बात यह है कि जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप सुरक्षित हैं। उनकी इनोवा कार को हालांकि जोरदार टक्कर से काफी नुकसान पहुंचा है।
हादसे की सूचना सामने आने के बाद उनके समर्थकों और परिचितों ने उनके स्वास्थ्य को लेकर जानकारी ली। फिलहाल उनके गंभीर रूप से घायल होने की कोई सूचना नहीं है।
पुलिस हादसे की जांच कर रही है और दुर्घटना में शामिल पिकअप तथा इनोवा के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।
Gariyaband Road Accident: मुख्य बातें
- गरियाबंद में NH-130C पर बड़ा सड़क हादसा।
- जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप की इनोवा को पिकअप ने मारी टक्कर।
- राजापड़ाव के पहले हाईवे के मोड़ पर हुआ हादसा।
- टक्कर में इनोवा बुरी तरह क्षतिग्रस्त।
- गौरी शंकर कश्यप हादसे में बाल-बाल बच गए।
- दुर्घटना जुगाड़ और मैनपुर थाना क्षेत्र के बीच बताई जा रही है।
- स्थानीय लोगों ने हाईवे के करीब 40 किमी हिस्से को संवेदनशील बताया।
- झरियाबहारा से धूर्वागुड़ी के बीच सड़क हादसों को लेकर चिंता।
- करीब एक महीने पहले इसी हाईवे पर देवभोग रेंजर समेत दो लोगों की मौत हुई थी।
- बारिश के दौरान इस मार्ग पर हादसों का खतरा बढ़ने की बात स्थानीय लोगों ने कही।
