अक्षय गर्ग हत्याकांड में गवाह को धमकाने के मामले में बीजेेपी नेता हसन अली गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल

कोरबा 21 अगस्त। अक्षय गर्ग हत्याकांड से जुड़े गवाह को कथित तौर पर धमकाने के मामले में भाजपा नेता हसन अली को पसान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। प्रारंभिक जमानत आवेदन भी खारिज होने की जानकारी सामने आई है। हसन अली की गिरफ्तारी के बाद कटघोरा क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
मामला जुलाई महीने का बताया जा रहा है। ग्राम लोकड़हा निवासी एक गवाह ने पसान थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि काले रंग की कार से एक व्यक्ति उसके गांव पहुंचा और उसके माता-पिता के बारे में पूछताछ की। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने अक्षय गर्ग हत्याकांड में गवाही देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। इसके बाद गवाह और उसका परिवार डर के माहौल में रहने लगा। शिकायत के आधार पर पसान पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 232(1) और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि कथित रूप से फरार आरोपी बीच-बीच में अपने कटघोरा स्थित घर आता है। पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय किया और कटघोरा थाना पुलिस से भी सहयोग लिया। पुलिस को सूचना मिली कि 16 अगस्त को संदिग्ध अपने घर आया हुआ है। इसके बाद कटघोरा पुलिस की मदद से पसान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।
पुलिस के अनुसार, संदिग्ध की पहचान सुनिश्चित करने के लिए विधिवत पहचान परेड कराई गई। पोडी-उपरोड़ा के अनुविभागीय दंडाधिकारी के निर्देश पर कार्यपालिक दंडाधिकारी पसान के समक्ष अन्य लोगों के साथ हसन अली को खड़ा किया गया। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित पक्ष ने लोगों के बीच से हसन अली की पहचान उस व्यक्ति के रूप में की, जो कथित तौर पर कार से गांव आकर धमकी देता था। इसके बाद पुलिस ने हसन अली को विधिवत गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया, जिसके बाद हसन अली को कटघोरा उप जेल में दाखिल कराया गया।
अक्षय गर्ग की हत्या ग्राम कटोरीनगोई स्थित उनके ठेका साइट पर हुई थी। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता समेत अन्य पहलुओं की जांच की गई थी और मामले में मुस्ताक अहमद सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अब इसी हत्याकांड से जुड़े गवाह को धमकी देने के मामले में हसन अली की गिरफ्तारी ने पूरे प्रकरण को एक नया मोड़ दे दिया है।
हसन अली के भाजपा से जुड़े वरिष्ठ नेता और पूर्व पार्षद पति होने की वजह से उनकी गिरफ्तारी को लेकर कटघोरा क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। पुलिस का आरोप है कि हसन अली ने हत्याकांड में शामिल आरोपियों के पक्ष में रहते हुए गवाह को प्रभावित करने और धमकाने का प्रयास किया। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद यह सवाल महत्वपूर्ण है कि गवाह को धमकी देने के पीछे उद्देश्य क्या था और क्या इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आती है।
