बहुचर्चित के के श्रीवास्तव को ई डी ने गिरफ्तार किया

कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तांत्रिक गुरु भाई के के श्रीवास्तव यानि कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिस के के की प्रतीक्षा कलेक्टर एस पी रेड कारपेट बिछा कर करते थे, उसे जेल के पथरीले बिस्तर पर सोना पड़ेगा। अब वही हो रहा है।

कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तांत्रिक गुरु भाई के के श्रीवास्तव यानि कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिस के के की प्रतीक्षा कलेक्टर एस पी रेड कारपेट बिछा कर करते थे, उसे जेल के पथरीले बिस्तर पर सोना पड़ेगा। अब वही हो रहा है।

रायपुर । प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कृष्ण कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया है। ईडी के अनुसार आरोपी को गुरुवार 30 जुलाई 2026 को शाम 4:57 बजे रायपुर स्थित ईडी कार्यालय से गिरफ्तार किया गया। ईडी ने कहा है कि यह कार्रवाई तेलीबांधा थाना, रायपुर में 6 अगस्त 2024 को दर्ज एफआईआर के आधार पर दर्ज ECIR की जांच के दौरान की गई है।

फाइल फोटो : हाथों में हतकड़ी और सिपाही की निगरानी में के. के.

एफआईआर में कृष्ण कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया था।

ईड्डी के आवेदन के अनुसार शिकायतकर्ता अर्जुन रावत ने आरोप लगाया कि कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने स्वयं को प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताते हुए लगभग ₹500 करोड़ मूल्य की “रायपुर स्मार्ट सिटी” परियोजना दिलाने का भरोसा दिया। इसके लिए ₹15 करोड़ सुरक्षा राशि और गारंटी मनी के रूप में जमा कराने को कहा गया तथा कथित सरकारी दस्तावेज भी दिखाए गए। शिकायतकर्ता ने जुलाई 2023 में अलग-अलग खातों में कुल ₹15 करोड़ स्थानांतरित किए।

ईडी के मुताबिक ₹15 करोड़ की राशि पांच अलग-अलग संस्थाओं-एनएस एंटरप्राइजेज, आरएच इंटरनेशनल, सुहाना एंटरप्राइजेज, एरोजेट एंटरप्राइजेज और डी.पी. ओशन एंटरप्राइजेज-के खातों में जमा कराई गई। आवेदन में कहा गया है कि राशि मिलने के बावजूद शिकायतकर्ता को परियोजना नहीं मिली। बाद में पैसे वापस मांगने पर कथित रूप से टालमटोल की गई और फर्जी दस्तावेज दिखाए गए। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि शिकायतकर्ता को नक्सलियों के नाम पर धमकी देने का आरोप है।

फाइल फोटो : कोर्ट के बरामदे में पत्थर की बेंच पर के. के.

ईडी ने दावा किया है कि जांच के दौरान जिन खातों में राशि भेजी गई, उनके KYC दस्तावेजों की जांच में कई खाते फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खोले गए पाए गए। आवेदन में अब्बास अली के बयान का भी उल्लेख है, जिसमें उसने कृष्ण कुमार श्रीवास्तव के कहने पर आधार कार्ड उपलब्ध कराने और व्हाट्सएप चैट व दस्तावेजों से जुड़े तथ्यों का जिक्र किया है। ईडी का कहना है कि जांच में धन के कई स्तरों (Layering) का पता चला। आवेदन के अनुसार राशि विभिन्न कंपनियों के माध्यम से आगे भेजी गई और बैंक खातों की जांच में यह सामने आया कि धन को कथित तौर पर शेल कंपनियों के जरिए दुबई (UAE), हांगकांग, चीन और सिंगापुर भेजा गया।

ईडी ने अपने आवेदन में कहा है कि अप्रैल 2025 में की गई तलाशी के दौरान कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और हस्तलिखित नोट्स जब्त किए गए। जांच के दौरान अन्य व्यक्तियों और कंपनियों के साथ आर्थिक लेन-देन के संबंध में भी सामग्री मिलने का दावा किया गया है।

आवेदन में कहा गया है कि 30 जुलाई 2026 को PMLA की धारा 50 के तहत पूछताछ के दौरान कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने कई तथ्यों से इनकार किया। ईडी का दावा है कि उनके बयान उपलब्ध दस्तावेजों, एफआईआर और चार्जशीट से मेल नहीं खाते तथा उन्होंने जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया।

ईडी ने अदालत से कहा है कि आरोपी से हिरासत में पूछताछ आवश्यक है ताकि धन शोधन में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका, अपराध से अर्जित संपत्ति (Pr8888ds of Erima); दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का सत्यापन तथा अन्य लाभार्थियों की पहचान की जा सके। एजेंसी ने यह भी आशंका जताई है कि आरोपी प्रभावशाली होने के कारण बाहर रहने पर साक्ष्यों या गवाहों को प्रभावित कर सकता है। इन्हीं आधारों पर ईडी ने अदालत से कृष्ण कुमार श्रीवास्तव की 9 दिन की हिरासत देने का अनुरोध किया।

फाइल फोटो :

के के श्रीवास्तव भूपेश शासनकाल में खूब सुर्ख़ियों में थे। उन्हें कथित रूप से तांत्रिक भी कहा जाता है जो अभिष्ट सिद्धि के लिए विशिष्ट पूजा कराते हैं। के के श्रीवास्तव की तस्वीरें काँग्रेस सासंद प्रियंका गांधी के साथ भी सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। भूपेश बघेल के लिए अनवरत विशेष पूजा कराए जाने की भी चर्चाएँ लगातार रही हैं। के के श्रीवास्तव बिलासपुर में रहते हैं। जनचर्चा में उनका संबंध चिरमिरी से भी जोड़ा जाता है।

प्रवर्तन निदेशालय ने जिस तेलीबांधा थाने के मामले को आधार बनाकर जांच शुरू की है, उस मामले में सूत्रों के अनुसार शिकायतकर्ता और के के श्रीवास्तव के बीच समझौता हो चुका है। उस समझौते के कारण ही के के श्रीवास्तव की ज़मानत हुई थी।

विधिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है कि, समझौते पत्र का कथन अदालत में बचा है, जैसे ही वह कथन दर्ज होगा, तेलीबांधा का मामला समाप्त हो जाएगा।कानून के जानकारों का दावा है कि यदि ऐसा होता है, तो ईडी का यह मामला स्वयमेव समाप्त हो जाएगा, क्योंकि जिस एफआईआर में प्रेडिकेट अफेंस के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की है यदि वही मूल मामला ही समाप्त हो जाएगा तो ईडी कार्यवाही नहीं कर पाएगी।

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