कनकी व आसपास के गांवों में अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान

’सरकार के सुशासन को ठेंगा दिखा रहे अधिकारी’
कोरबा 01 अगस्त। ग्राम कनकी और उसके आसपास के एक दर्जन से अधिक गाँवों में पिछले चार दिनों से बिजली की लगातार आँख-मिचौली बदस्तूर जारी है। घंटों विद्युत आपूर्ति बाधित रहने के कारण स्थानीय निवासियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दिन हो या रात,अघोषित बिजली कटौती के चलते ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। भीषण गर्मी और उमस के बीच घंटों बिजली गुल रहने से जहाँ बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की हालत पस्त है, वहीं दैनिक कामकाज भी पूरी तरह ठप है। बिजली न होने के कारण पेयजल आपूर्ति पर भी गहरा असर पड़ा है, जिससे लोगों को पानी के लिए दूर-दराज भटकना पढ़ रहा है।
बारिश की वजह से लाइन बार बार ब्रेक डाउन हो रही है। 33 केवी के साथ साथ 11 केवी में भी समस्या आ रही है। शुक्रवार को भी लाइन ब्रेक डाउन हुई थी जिसे शाम तक बहाल कर लिया गया था। अधिकारी कर्मचारियों की टीम व्यवस्था को दुरुस्त करने का प्रयास कर रहे है लेकिन बारिश की वजह से काम भी प्रभावित हो रहा है। वर्षा ऋतु आने से पूर्व ही मेंटेनेंस के लिए घंटे विद्युत आपूर्ति बंद की जाती है फिर भी वर्षा ऋतु के प्रारंभ होने पर विद्युत व्यवस्था की पोल खुल जाती है जिला मुख्यालय से 16 किमी दूर कनकी और उसके आसपास क्षेत्र में पिछले चार दिनों से कभी 33 केवी की तो कभी 11केवी की लाईन ब्रेकडाउन हो रही है। जिसकी वजह से घंटों विद्युत आपूर्ति ठप्प हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय विद्युत विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई है लेकिन, जिम्मेदार अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। हर बार जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन तो दे दिया वान जाता है, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
पिछले चार दिनों से बिजली कब आएगी और कब जाएगी, इसका कोई ठिकाना नहीं है। एक तरफ छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन तिहार बना रही है दूसरी तरफ अधिकारी सुशासन को अंगूठा दिखाने पर लगे हैं विभागीय अधिकारियों को कई बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विद्युत आपूर्ति सुचारू न होने से ग्रामीणों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
