कोल वासरी में आदिवासी कर्मचारी की मौत मामले में पुलिस को जांच करने के मिले आदेश

राष्ट्रपति से की गई शिकायत के बाद दिया गया संज्ञान

कोरबा 13 जुलाई। हिन्द एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े गंभीर आरोपों और एक आदिवासी कर्मचारी की संदिग्ध मौत के मामले में अब नया प्रशासनिक मोड़ आ गया है। राष्ट्रपति को भेजी गई शिकायत के बाद छत्तीसगढ़ राज्यपाल सचिवालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ को शिकायत की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा की गई कार्रवाई से आवेदक एवं राज्यपाल सचिवालय को अवगत कराने के निर्देश जारी किए हैं।

राज्यपाल सचिवालय के अवर सचिव द्वारा 3 जुलाई 2026 को जारी पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि कांति कुमार प्रधान द्वारा भेजे गए शिकायत पत्र के संबंध में आवश्यक जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। शिकायत में अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग भी की गई है। कांति कुमार प्रधान ने राष्ट्रपति को भेजी शिकायत में दावा किया था कि वह वर्ष 2006 से हिन्द एनर्जी कंपनी में कार्यरत थे। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कंपनी से जुड़े आर्थिक अनियमितताओं का खुलासा करने के बाद कुछ पुलिस अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन की मिलीभगत से उन्हें झूठे बहाने से उठाकर हत्या का प्रयास किया गया। शिकायत में अनुसूचित जनजाति के शोषण, करोड़ों की बेनामी संपत्ति और आर्थिक अपराध जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए थे।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि उनके साथ कार्य करने वाले आदिवासी कर्मचारी स्व. सोहन सिंह पोर्ते की हत्या कंपनी से जुड़े लोगों द्वारा कराई गई और अब उनकी स्वयं की जान को भी खतरा है। राज्यपाल सचिवालय की ओर से जांच के निर्देश जारी होने के बाद माना जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण के साथ-साथ सोहन सिंह पोर्ते की मौत से जुड़े तथ्यों की भी जांच की दिशा में फाइल दोबारा खुल सकती है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद ही हो सकेगी।

राज्यपाल सचिवालय के निर्देश के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। शिकायत में जिन अधिकारियों एवं अन्य लोगों के विरुद्ध आरोप लगाए गए हैं, उनके संबंध में क्या कार्रवाई होती है और क्या शिकायत के आधार पर कोई अपराध दर्ज किया जाता है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुईं है ।

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