सड़क हादसे पर एसपी का बड़ा एक्शनः दो ट्रैफिक पुलिसकर्मी निलंबित, 3 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट

कोरबा 04 जुलाई। सीएसईबी चौक पर नो-एंट्री के दौरान हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद कोरबा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए यातायात शाखा में पदस्थ दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रारंभिक जांच में ड्यूटी के दौरान घोर लापरवाही पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जारी आदेश के अनुसार प्रधान आरक्षक क्रमांक 352 शशिधर जायसवाल एवं आरक्षक क्रमांक 738 टंकेश्वर पटेल को कर्तव्य पालन में प्रथम दृष्टया घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता का दोषी पाए जाने पर निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों का मुख्यालय रक्षित केंद्र, कोरबा रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

नो-एंट्री में घुसा था राखड़ से भरा ट्रक
जानकारी के अनुसार, हादसे वाले दिन दोनों पुलिसकर्मियों की ड्यूटी सीएसईबी चौक पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाई गई थी। इसी दौरान कटघोरा की ओर से राखड़ से भरा 14 चक्का ट्रक नो-एंट्री क्षेत्र में प्रवेश कर गया। ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी ट्रक को रोककर नो-एंट्री क्षेत्र से बाहर निकालने और नियमानुसार कार्रवाई करने की थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
बताया गया कि ट्रक चालक वाहन लेकर आगे बढ़ गया और सीएसईबी चौक पहुंचने के बाद लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए एक स्कूटी सवार को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि स्कूटी चालक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

तीन दिन में विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश
हादसे के बाद उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) से कराई गई प्रारंभिक जांच में दोनों ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान लापरवाही प्रथम दृष्टया प्रमाणित होने पर पुलिस अधीक्षक ने तत्काल निलंबन की कार्रवाई की। साथ ही नगर पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले की विस्तृत जांच कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश
कोरबा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने वाले अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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