वनमंडल कटघोरा में नहीं थम रहा गजराजों का आतंक

कोरबा 29 जून। जिले के वनमंडल कटघोरा में गजराजों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर क्षेत्र में मौजूद जंगली हाथी ने ग्रामीण की जान ले ली। ताजा घटना कटघोरा फारेस्ट डिविजन अंतर्गत जटगा रेंज के ग्राम पंचायत धवलपुर में घटित हुई। यहां मवेशी की तलाश में जंगल गए युवक को दंतैल हाथी ने कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार धवलपुर के बंधवापारा निवासी संतोष पिता शिवमंगल गोड़ उम्र 40 वर्ष बीती रात करीब 9 बजे अपने मवेशियों की खोज में गांव से लगे जंगल की ओर निकले। इसी दौरान जंगल के कक्ष क्रमांक पी-270 बासीन परिसर में पहले से मौजूद एक दंतैल हाथी से उसका सामना हुआ। दंतैल ने युवक को देखते ही उस पर हमला कर सूंड से उठाकर पटक दिया। इतना ही नहीं, पैरों तले बुरी तरह कुचल दिया जिससे युवक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना जानकारी मिलते ही गांव में हडकंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी वन विभाग तथा पुलिस को दी गई। जिसके बाद वन विभाग व पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर आगे की कार्यवाही शुरू की। पंचनामा के बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया गया। वहीं सरपंच व अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में मृतक के परिजनों को वन विभाग की ओर से तत्कालिक सहायता राशि रूपए 25 हजार उपलब्ध करा दी गई है।
कटघोरा वनमंडल में एक सप्ताह के भीतर हाथी के हमले में दूसरी मौत से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। इससे पहले एक लोनर हाथी ने डिविजन के ही केंदई रेंज के पतुरियाडांड में एक वृद्ध महिला को कुचल दिया था जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना को हुए एक सप्ताह भी नहीं बीता है कि दूसरी घटना हो गई, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। उन्होंने हाथी प्रभावित क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है। वहीं वन विभाग ने लोगों से रात के समय जंगल की ओर न जाए और हाथियों के गतिविधियों की सूचना मिलने पर सतर्क रहने की अपील की है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कल रात में जटगा बिट से अचानक 10 हाथियों का दल बासीन परिसर के जंगल में पहुंचा था, जिसकी सूचना ग्रामीणों को देते हुए जंगल न जाने की सलाह दी गई थी लेकिन युवक नहीं माना और मवेशी की तलाश में जंगल की ओर चला गया। फलस्वरूप जनहानि की यह घटना घटित हो गई। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के गांव में आने की सूचना समय पर नहीं दी गई जिससे लोग अनजान होकर जंगल की ओर आते-जाते रहे। यदि समय रहते चेतावनी जारी की जाती तो शायद एक और परिवार को अपना सदस्य नहीं खोना पड़ता।
