गजराज पहुंचने पर रात में करते है बिजली गुल, अपनी बला टालने सीएसईबी का पुराना फॉर्मूला

लाइनमैन पर पुलिस ने बनाया था मामला
कोरबा 15 जून। जिले के कुदमुरा क्षेत्र में गजराज पहुंचे हुए हैं. उनका स्वागत करने के लिए रात में तो बिजली गुल कर दी जा रही है। दिन में भी यही हाल है. सीएसईबी ने अपनी बाला डालने के लिए पुराने फार्मूले पर अमल किया है लेकिन इस वजह से जनता परेशान है।
सूत्रों के अनुसार कुदमुरा, बरपाली जिल्गा सहित आसपास के एक दर्जन से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ हाथी के चक्कर में 50 हजार से अधिक की आबादी को सीएसईबी परेशान करने पर तुला हुआ है। तर्क दिया जा रहा है कि इस इलाके के जंगल में हाथी का विचरण यहां वहां हो रहा है और इसलिए रात में बिजली आपूर्ति नहीं की जा सकती। गर्मी के मौसम में ग्रामीण आबादी परेशानियां झेल रही है और दिन में भी लाइट न होने के कारण उनका दर्द दोगुना हो रहा है। बिजली सप्लाई बाधित कर देने से लोगों के घरेलू व्यावसायिक से लेकर कृषि संबंधित कार्यों पर असर पड़ रहा है। अलग-अलग स्तर पर लोगों ने इस मामले की शिकायत सी ऐसी भी प्रबंधन से की है लेकिन इसका सीधा सा कहना है कि जब तक आती रहेगी लोगों को बिजली के मामले में यह शिकायत जरूर रहेगी। क्योंकि हमने ऊपर भी इसकी जानकारी दे दी है और इस मामले में किसी प्रकार से और दूसरी व्यवस्था की जानी मुश्किल है।
वर्ष 2025 में करतला फॉरेस्ट एरिया के अंतर्गत विद्युत लाइन के संपर्क में आने से एक हाथी की मौत हो गई थी। प्राकृतिक घटना में एक स्थान पर विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी और इस इलाके से गुजरने के दौरान हाथी का संपर्क केबल से हो गया था। फॉरेस्ट की ओर से तर्क दिया गया कि हाथी की मौत के पीछे सीएसईबी जिम्मेदार है इसलिए क्यों ना कार्रवाई की जाए। इसकी शिकायत पर करतला पुलिस ने लाइनमैन को दोषी मानते हुए उसे अपराधिक रिकॉर्ड का हिस्सा बना दिया। सीएसईबी कर्मचारियों ने इस मामले का विरोध किया था और उसके बाद से ही जिन क्षेत्रों में हाथियों की पहुंच होती है। इसके दंड के स्वरूप आसपास के हिस्से के लोगों के मामले में बिजली आपूर्ति को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाता है। कोरबा जिले की ग्रामीण आबादी को यह समझ नहीं आ रहा है कि आखिर वह इस मामले में न्याय पाने के लिए किस प्लेटफार्म का उपयोग करें?
