सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियानः 150 गुम मोबाइल मालिकों को लौटाए, पुलिस की पहल से खिले चेहरे

कोरबा 09 जून। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की गई है। साइबर पुलिस थाना कोरबा की टीम ने सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल के माध्यम से 150 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंपे हैं। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत करीब 26 लाख 62 हजार 410 रुपये बताई जा रही है।

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान में लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा नीतिश ठाकुर तथा नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस थाना प्रभारी निरीक्षक ललित चंद्रा और उनकी टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

साइबर पुलिस थाना और जिले के सभी थाना-चौकी स्टाफ के संयुक्त प्रयास से विभिन्न जिलों और राज्यों से गुम हुए मोबाइल फोनों को ट्रेस कर बरामद किया गया। इस अभियान में उप निरीक्षक अजय सोनवानी और साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

बरामद किए गए मोबाइल एंपल, समसंग, ओप्पो, प्हीओ, रेडमी, और वनप्लस जैसी कंपनियों के हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर गुम हो गए थे। तकनीकी सहायता और सीईआईआर पोर्टल के जरिए इन्हें खोजकर उनके असली मालिकों तक पहुंचाया गया।

मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ मोबाइल वापस मिल पाएगा, लेकिन कोरबा पुलिस के प्रयासों ने उनका भरोसा और मजबूत किया है। लोगों ने पुलिस और साइबर टीम का आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि पिछले पांच महीनों में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा 300 से अधिक गुम मोबाइल फोन उनके स्वामियों को वापस दिलाए जा चुके हैं। यह अभियान न केवल तकनीकी दक्षता का उदाहरण है, बल्कि आम जनता में सुरक्षा और विश्वास की भावना को भी मजबूत कर रहा है।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में तुरंत सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें या नजदीकी थाना/साइबर सेल को सूचना दें। साथ ही साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने और बलइमतबतपउम.हवअ.पद पर शिकायत दर्ज करने की सलाह दी गई है। कोरबा पुलिस की यह पहल आम जनता के लिए राहत और विश्वास का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है।

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