पाली में भीषण गर्मी का कहरः हीट स्ट्रोक से बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत, जनजीवन प्रभावित

कोरबा 24 मई। नौतपा शुरू होने से पहले ही छत्तीसगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी और लू का असर अब इंसानों के साथ-साथ जीव-जंतुओं पर भी दिखाई देने लगा है। नगर पंचायत पाली में तापमान बढ़ने के कारण बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत हो गई है। आशंका जताई जा रही है कि इनकी मौत हीट स्ट्रोक के कारण हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, तेज गर्मी के चलते पेड़ों पर उलटे लटके चमगादड़ गर्मी सहन नहीं कर पा रहे हैं और नीचे गिरकर दम तोड़ रहे हैं। एक पेड़ पर तो उलटी लटकी अवस्था में ही कई चमगादड़ों की मौत देखी गई, जिससे इलाके में दहशत और चिंता का माहौल है।
पाली क्षेत्र में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग घरों में रहने को मजबूर दिखे। नौतपा 25 मई से शुरू होने से पहले ही मई की तेज धूप और उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
नगर पंचायत पाली के नौकोनिया तालाब के आसपास स्थित पेड़ों में हजारों की संख्या में चमगादड़ों ने डेरा बना रखा है। हर साल फरवरी-मार्च में प्रवासी चमगादड़ यहां पहुंचते हैं और तालाब किनारे पेड़ों पर बसेरा करते हैं। इस बार इनकी संख्या पहले से अधिक बताई जा रही है। ये चमगादड़ पेड़ों पर अंगूर के गुच्छों की तरह लटके दिखाई देते हैं और सुबह-शाम तालाब के ऊपर उनकी उड़ान स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहती है।
भीषण गर्मी और लू के बढ़ते असर को देखते हुए विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तापमान में और बढ़ोतरी होने पर वन्य जीवों और पक्षियों पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। स्थानीय प्रशासन से राहत और संरक्षण के उपाय करने की मांग भी उठ रही है।
