
वल्क वेस्ट जनरेटरों को अपने यहॉं उत्सर्जित कचरे के उचित प्रबंधन की जवाबदारी स्वयं कीए प्रावधानों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित करें . आयुक्त
वल्क वेस्ट जनरेटरों को उनके यहॉं उत्सर्जित कचरे के उपचार, निस्तारण व प्रबंधन की दी गई विस्तृत जानकारी
माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देश एवं भारत सरकार द्वारा लागू किये गये ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रावधानों के कराया गया अवगत
कोरबा 20 मई। आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्रांतर्गत स्थित वल्क वेस्ट जनरेटरों का मार्गदर्शन करते हुये कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत वल्क वेस्ट जनरटरों को अपने प्रतिष्ठानोंए संस्थानों में उत्सर्जित कचरे के उपचारए प्रस्ंास्करण व प्रबंधन की जिम्मेदारी उनकी स्वयं की हैए अतः वे इस हेतु निर्धारित प्रावधानों का पालन करेंए उन्होने कहा कि वर्ष 2016 के नियमों को अपडेट करते हुये ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम लागू किया गया हैए माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों पर भारत सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 को 01 अप्रैल 2026 से लागू किया गया हैए जिसका पालन करना अनिवार्य है।
सचिव नगरीय प्रशासन विकास विभाग छत्तीसगढ़ शासन से प्राप्त दिशा निर्देशों के तहत आज नगर पालिक निगम केारबा के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत स्थित सभाकक्ष में निगम क्षेत्र के वल्क वेस्ट जनरेटरों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर भारत सरकार द्वारा लागू किये गये ठोस अपशिष्ट नियम 2026 के प्रावधानों से अवगत कराते हुये वल्क वेस्ट जनरेटरों को उनके यहॉं उत्सर्जित अपशिष्ट के प्रबंधन एवं इस हेतु निहित प्रावधानों की विस्तृत जानकारी उन्हें प्रदान की गई। बैठक को संबोधित करते हुये आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने वल्क वेस्ट जनरेटरों का मार्गदर्शन करते हुये कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 में वल्क वेस्ट जनरेटरों को नये सिरे से चिन्हांकित किया गया है तथा उनके यहॉं उत्सर्जित अपशिष्ट के निपटान व प्रबंधन के संबंध में स्पष्ट दिशा निर्देश जारी कर सभी आवश्यक प्रावधान किये गये हैंए अतः सभी वल्क वेस्ट जनरेटर इन प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन करें। उन्होने आगे कहा कि हमें अपने शहर कीए अपने गली मोहल्ले व अपने घर की स्वच्छता के प्रति एलर्ट रहना हैए स्वच्छता हम सबकी सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय होना चाहियेए हम अपने प्रतिष्ठानए संस्थानए दुकान को स्वच्छ रखेंए उत्सर्जित कचरे का नियमानुसार प्रबंधन करें तथा औरो को भी इसके लिये प्रेरित करें।
बल्क वेस्ट जनरेटर चिन्हाकित .निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉण्संजय तिवारी ने उपस्थित वल्क वेस्ट जनरेटरों को जानकारी देते हुये बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 में बल्क वेस्ट जनरेटरों को नये सिरे से चिन्हाकित किया गया हैए जिसके अनुसार भारी मात्रा में अपशिष्ट जनरेट करने वाली वे इकाईयॉं जो इन मानदण्डों में से कम से कम एक को पूरा करती होए यथा 20 हजार वर्गमीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले भवन या प्रतिदिन 40 हजार लीटर पानी की खपत या प्रतिदिन 100 किलोग्राम ठोस अपशिष्ट का उत्सर्जन सम्मिलित हैंए इसके तहत केन्द्रीय सरकार के विभाग या उपक्रमए राज्य सरकार के विभागों या उपक्रमों के द्वारा अधिग्रहित भवनए स्थानीय निकाय द्वारा अधिग्रहित भवनए पब्लिक सेक्टर उपक्रम या निजी कम्पनियॉंए स्कूलए कालेजए विश्वविद्यालय अन्य शैक्षणिक संस्थान और सामुदायिक स्थान या उस जैसे स्थान शामिल हैं। इसी प्रकार रेलवेए बस स्टैण्ड या डिपोए विमान पत्तन सहित वाणिज्यिक स्थापनाएंए औद्योगिक इकाईयॉं और औद्योगिक क्षेत्रए मालए मल्टीप्लेक्सए होटलए अस्पतालए नर्सिंग होमए छात्रावासए कृषि और बागवानी उत्पादोंए मछली और मांस के लिये मण्डियों सहित थोक बाजारए स्टेडियमए खेल परिसरए सामुदायिक हालए कन्वंेशन हालए आडिटोरियमए विवाह या भोज हालए सम्मेलन केन्द्रए एक्सपो सेल्टरए प्रदर्शनी क्षेत्र व पर्यटन स्थल आदि वाणिज्यिक उपयोक्ता व आवासीय सोसायटी शामिल हैं।
कार्यक्रम आयोजन की सूचना 03 दिन पूर्व देनी आवश्यक . ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 में स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि कोई भी व्यक्ति अग्रिम रूप से कम से कम 03 कार्य दिवस पहले स्थानीय निकाय को सूचित किये बिना किसी भी गैरअनुज्ञप्ति वाले स्थान पर 100 व्यक्तियों से अधिक का कोई आयोजन व समारोह आयोजित नहीं करेगा अर्थात आयोजन से 03 दिन पूर्व निगम का सूचना देगा तथा ऐसा व्यक्ति या आयोजक यह सुनिश्चित करेगा कि अपशिष्ट का स्त्रोत पर पृथक्करण हों एवं पृथक किये गये अपशिष्ट को स्थानीय निकाय द्वारा निर्धारित यूजर चार्जेज की राशि जमा कराने के पश्चात एजेंसी को या अभिकरण को सौप दिया जाए तथा इस उत्पन्न अपशिष्ट का नियमानुसार निस्तारण किया जाए। इसके अतिरिक्त अपशिष्ट प्रबंधन व निस्तारण के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अंतर्गत प्रदान किये गये हैं।
अपशिष्ट को 04 श्रेणियों में रखा गया . केन्द्र सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 को अपडेट करते हुये ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 बनाया तथा इसे दिनांक 01 अप्रैल 2026 से समस्त नगरीय निकायों में लागू कर दिया गया है। इस नियम के अनुसार पूर्व की 02 श्रेणियों में सूखा व गीला अपशिष्ट के पृथककरण के स्थान पर अब अपशिष्ट पृथककरण को 04 श्रेणियों गीलाए सूखाए स्वच्छता व विशेष देखभाल आदि श्रेणियों में बांटा गया है।
04 श्रेणियों के अपशिष्ट हेतु 04 पृथक रंग के डस्टबिन . ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अंतर्गत 04 श्रेणी के कचरों के लिये हरेए नीलेए लाल व बैंगनी रंग के डस्टबिन निर्धारित किये गये हैंए जिसके अनुसार हरे रंग के डस्टबिन में गीला कचरा यथा रसोई का कचराए सब्जी फल के छिल्लेए बचा हुआ खानाए फूल पत्तेए चायपत्ती आदि रखें जायेंगेए इसी प्रकार नीले डिब्बे में सूखा कचरा यथा कागजए गत्ताए प्लास्टिक बोतलेए कांचए धातुए रबरए बेकार कपडे़ए तो वहीं लाल रंग के डस्टबिन में सेनेटरी नेपकिनए डायपरए पट्टीए बैंडडेज आदि लपेटकर अलंग रखने होंगेए इसी प्रकार बैंगनी रंग के डिब्बे में विशेष देखभाल अपशिष्ट दवाईयॉंए इंजेक्शनए बैटरीए इलेक्ट्रानिक समानए सीण्एफण्एलण् बल्बए पेंट के डिब्बेए कीटनाशकए रसयान आदि के डिब्बे रखें जायेंगे। इन नियम में मिश्रित कचरा देने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति का प्रावधान भी रखा गया है।
उल्लंघन पर कार्यवाही . वल्क वेस्ट जनरेटर द्वारा यदि निहित प्रावधानों के अनुरूप अपने यहॉं उत्सर्जित कचरे का प्रबंधन नहीं करता व अन्य कर्तव्यों से विमुख होता है तो पर्यावरण संरक्षण मण्डलए कलेक्टर व नगर निगम पर्यावरण विधि की धारा 05 के अंतर्गत या विभिन्न प्रावधानों व निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुये वल्क वेस्ट जनरेटर के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही कर सकते हैंए वल्क वेस्ट जनरेटरों से यह पूर्ण अपेक्षा की जाती है कि वे अपने कर्तव्यों का निष्ठा के साथ निवर्हन करें।
05 हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल के लिये प्रावधान . स्वास्थ्य अधिकारी डॉण्तिवारी ने बताया कि निहित प्रावधानों के अनुसार 05 हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले सभी होटलए रेस्टोरेंटए निवासी कल्याणए बाजार संघ और गेट लगे समुदायए सोसायटी एवं संस्थान निगम के साथ भागीदारी में इन नियमों के तहत अपशिष्ट स्त्रोत पर कचरे का पृथककरण सुनिश्चित करेंगेए पृथक.पृथक अपशिष्ट संग्रहण की सुविधा प्रदान करेगेए पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अधिकृत अपशिष्ट उठाने वालों या अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं को सौपेगेंए इसी प्रकार जैव अपशिष्ट को यथासंभव परिसर के भीतर खाद या जैवमीथेनेशन के माध्यम से निपटान करेंगे।
सम्पन्न बैठक के दौरान स्वास्थ्य अधिकारी डॉण्संजय तिवारी के साथ ही व्हीण्केण्सारस्वतए यासीन अली रिजवीए आशुतोष कुमारए हर्षा कुसरोए अनुप अग्रवालए सुजित सिंहए तारामणी तिग्गाए कुणाल रजकए जयंत सोनीए श्याम सिंहए अशोक सेनए चंचल कवाडे़ए पदम सिंह चंदेलए सौरभ तिवारीए विकास वाधवानीए लालबाबु चौधरीए तेजपाल चौधरीए गुरमीत सिंहए एनण्केण्सिंहए राजकुमार साहू आदि के साथ अन्य लोग उपस्थित थे।
