होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री आवाजाही और वैश्विक व्यापार की स्वतंत्रता बनाए रखने पर नॉर्डिक समिट में दिया गया जोर

ओस्लो. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे में मंगलवार को तीसरे भारत-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोकतंत्र, कानून के शासन और बहुपक्षवाद के कारण हम स्वाभाविक साझेदार हैं। उन्होंने इन देशों के साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप की भी घोषणा की। नॉर्डिक देश यूरोप के उत्तरी क्षेत्र में स्थित संप्रभु राष्ट्रों का एक समूह है। इस समिट में नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेता शामिल हुए।

संयुक्त बयान में इन देशों ने कहा कि व्यापार, ब्लू इकोनॉमी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई, स्पेस और क्लीन एनर्जी पर मिलकर काम करेंगे। सभी ने संयुक्त राष्ट्र में सुधार की मांग को दोहराया। शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में भारत और नॉर्डिक देशों के बीच स्टार्टअप सहयोग बढ़ाने, 6जी तकनीक पर भी साझेदारी बढ़ाने की बात कही गई। सभी नेताओं ने हर प्रकार के आतंकवाद और कट्टरपंथ की कड़ी निंदा की। उन्होंने सीमापार आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की जरूरत बताई। पहलगाम हमले की कड़े शब्दों में निंदा की।

पीएम ने बताया ‘संबंध’ का कनेक्शन

बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी नेताओं से कहा कि आज मैंने कई बार संबंध शब्द का प्रयोग किया। कई नॉर्डिक भाषाओं में संबंध शब्द का अर्थ है- कनेक्शन, रिलेशंस, एक बॉन्ड। हिन्दी में भी ‘संबंध’ का अर्थ यही है। इस पर आइसलैंड की पीएम ने कहा कि यह पूरी तरह से हमारी भाषा का शब्द लगता है।

दुनिया में जारी संकटों पर जताई चिंता

बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में यूक्रेन युद्ध पर सभी नेताओं ने स्थायी शांति की जरूरत बताई। फिलिस्तीन और गाजा में सीजफायर के सम्मान और सहायता पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। पश्चिम एशिया की स्थिति को कूटनीति से सुलझाने पर जोर दिया और होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री आवाजाही और वैश्विक व्यापार की स्वतंत्रता बनाए रखने की भी बात कही।

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