अनेक दशकों की उपलब्धियों पर खतरा मंडरा रहा: प्रधानमंत्री मोदी

द हेग. नीदरलैंड्स की यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री ने शनिवार को भारतीय समुदाय को संबोधित किया। उन्होंने दुनियाभर में जारी मुश्किल हालातों पर कहा, आज मानवता के सामने अनेक बड़ी चुनौतियां भी हैं। पहले कोरोना आया, फिर युद्ध होने शुरू हो गए और अब ऊर्जा संकट है। यह दशक दुनिया के लिए आपदाओं का दशक बन रहा है। अगर ये स्थितियां तेजी से नहीं बदली गई, तो बीते अनेक दशकों की उपलब्धियों पर पानी फिर जाएगा। दुनिया की बहुत बड़ी आबादी फिर से गरीबी के दलदल में चली जाएगी। दुनिया अब भरोसेमंद सप्लाई चेन की बात कर रही है।
भारत की ताकत पर पीएम ने कहा कि 21वीं सदी का भारत अवसरों की भूमि है। भारत जितना प्राचीन है, उतना आधुनिक बन रहा है। देश में 12 सेमीकंडक्टर प्लांट्स पर काम चल रहा है। दो में उत्पादन शुरू हो गया है। बीते वर्षों में भारत ने धरती से चंद्रमा की दूरी जितनी है, उससे भी 11 गुना अधिक ऑप्टिकल फाइबर बिछाया है। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड्स की पहचान ट्यूलिप से तो भारत की कमल से जुड़ी है।
चोल काल की धरोहर लौटाई
नीदरलैंड ने सदियों पुरानी अनैमंगलम ताम्रपत्र भारत को वापस सौंप दिए हैं। ये ताम्रपत्र 985 और 1014 ईस्वी के बीच सम्राट राजराज चोल प्रथम के शासनकाल के हैं। इन्हें 18वीं शताब्दी में कोरोमंडल तट पर डच औपनिवेशिक शासन के दौरान नीदरलैंड्स ले गए थे। अब ये लौटाये गए हैं।
यूरोप तक पहुंचने का गेटवे है नीदरलैंड्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नौ साल बाद नीदरलैंड्स पहुंचे हैं। आखिरी बार वह 2017 में यहां आए थे। इस यात्रा में व्यापार, टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, वॉटर मैनेजमेंट, ग्रीन एनर्जी और रक्षा सहयोग जैसे कई बड़े मुद्दों पर बातचीत की संभावना है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में शनिवार को कहा कि नीदरलैंड्स भारतीय व्यवसायों के लिए यूरोप में प्रवेश करने का एक प्रवेश द्वार बनेगा। नीदरलैंड्स में मौजूद भारतीय समुदाय इसमें एक विश्वसनीय सेतु के रूप में काम कर सकता है।
