ईरान ने दिखाए तेवर, दूसरे दौर की बैठक से पहले रखीं 5 शर्तें

दिल्ली । अमेरिका और ईरान के बीच कोई ठोस समझौता के नहीं हो पा रहा है। दोनों देश सीजफायर बाद भी रह रहकर एक दूसरे पर अटैक कर रहे हैं। ईरान ने अमेरिका के साथ संभावित दूसरे दौर की बातचीत से पहले कड़े शर्तें रखी हैं। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक ईरान ने कहा है कि जब तक उसकी पांच प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक वह नई वार्ता में शामिल नहीं होगा।

ईरान की शर्तों में शामिल हैं- क्षेत्रीय युद्धों का अंत खासकर लेबनान में, ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाना, विदेशों में फ्रीज ईरानी धनराशि को जारी करना, युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई और होर्मुज पर ईरान के नियंत्रण को मान्यता देना। हालांकि ईरान ये मांगें काफी समय से कर रहा और अमेरिका सिरे से इन मांगों को मानने से इंकार कर रहा है। ईरान का कहना है कि इन शर्तों का पूरा होना किसी भी नई बातचीत से पहले भरोसा बहाल करने के लिए न्यूनतम कदम हैं हैं। इनके बिना आगे की वार्ता का कोई आधार नहीं बनता।

इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपनी तीन दिनों की चीन यात्रा पर रवाना हो गए हैं। जाने से पहले उसे युद्ध की वजह से बढ़ रही महंगाई और अर्थव्यवस्था पर दूसरे असर के बारे में जब पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि वे अमेरिकी अर्थव्यवस्था के बारे में सोचते ही नहीं। ट्रंप ने कहा अगर वे कुछ सोचते हैं तो वो है कि किसी हाल में ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जायेगा और जो लोग ऐसा नहीं सोचते वे मूर्ख हैं।

ईरान समझौता करेगा या तबाह हो जाएगा : ट्रंप

उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। चीन रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य ताकत लगभग खत्म हो चुकी है और अमेरिका यह लड़ाई ‘शांतिपूर्वक या फिर किसी भी तरह’ जीतकर रहेगा। ट्रंप ने अपने बयान में कहा, ‘हम इसे शांतिपूर्वक मी जीत सकते है या फिर किसी और तरीके से। उनकी नेवी खत्म हो चुकी है, एयरफोर्स खत्म हो चुकी है और उनकी वार मशीन का हर हिस्सा तबाह हो चुका है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान सैन्य रूप से हार चुका है। ट्रंप के मुताबिक, ‘वे या तो सही फैसला करेंगे या फिर हम काम पूरा कर देंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर लगाए गाए समुद्री प्रतिबंध और नाकेबंदी को भी पूरी तरह सफल बताया। उन्होंने कहा, ‘यह नाकेबंदी बेहद प्रभावी है। यह 100 प्रतिशत सफल रही है।’

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