अमरीका की नीयत में कमी युद्ध को खत्म करने में बाधा है: घरीबाबादी

नई दिल्ली. भारत की मेजबानी में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में कई देशों के विदेशमंत्री नई दिल्ली में जुट रहे हैं। इस बीच ईरान के उप विदेशमंत्री काजिम घरीबाबादी ने दिल्ली में अमरीका पर निशाना साधते हुए तीखा हमला किया।

उन्होंने कहा कि दुनिया अब दबाव की राजनीति नहीं, बराबरी और सम्मान चाहती है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स ऐसा मंच बनना चाहिए जो बराबरी, आपसी सम्मान और देशों के. अधिकारों की रक्षा करे। 14 और 15 मई को भारत मंडपम में होने वाले सम्मेलन में ब्राजील, रूस, दक्षिण अफ्रीका, इजिप्ट, इथियोपिया और इंडोनेशिया के विदेश मंत्री शामिल होने वाले है। यूएई और चीन के प्रतिनिधियों के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है।

वहीं ब्रिक्स सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि भारत और रूस के रिश्ते गहरी दोस्ती पर आधारित हैं। ऐसी कोई स्थिति पैदा नहीं हो सकती, जिसमें हमारे रास्ते अलग हो जाएं। हमें उन खतरों से सावधान रहना चाहिए जिसमें कुछ लोग संबंधों को कमजोर करने और रूस के साथ व्यवहार करने के अपने नियम थोपने की कोशिश कर रहे हैं।

ईरान में ट्रंप ने फूंके के ₹95 लाख करोड़

ईरान पर हमले के साथ 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध में अमरीका 95 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा फूंक चुका है। यह दावा युद्ध मामलों के विशेषज्ञ कर रहे हैं।। जबकि पेंटागन के अनुसार 2.77 लाख करोड़ रुपए ही खर्च हुए हैं। इस बाबत पेंटागन के अधिकारी ने अमरीकी सांसदों को जानकारी दी है। हार्वर्ड कैनेडी स्कूल की ओर से किए गए शोध में दावा किया गया है कि युद्ध में अनुमानित खर्च 95 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। परिचालन लागत के तौर पर ही हर रोज 19134 करोड़ रुपए खर्च होते हैं।

अमरीका में रक्षा खर्च पर बवाल

अमरीकी रक्षामंत्री पीट हेगसेथ ने अमरीकी सांसदों के सामने सुनवाई में ईरान के विरुद्ध सैन्य अभियान का बचाव किया। डेमोक्रेट सांसदों ने इस पर सवाल उठाए है। हेगसेथ के अनुसार तमाम तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में जारी संकट के बाद भी अमरीका अब भी सारे पत्ते अपने हाथ में रखता है। सुनवाई के दौरान हेगसेथ और डेमोक्रेट सांसदों के बीच तीखी बहस हुई। सुनवाई का मुख्य मुद्दा ट्रंप का प्रस्तावित 1.5 ट्रिलियन डॉलर का रक्षा बजट, होर्मुज स्ट्रेट संकट, रूस- यूक्रेन को लेकर अमरीकी रणनीति थी।

अमरीका की नीयत शांति में बाधाः ईरान

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमरीका पर भरोसे की कमी को शांति में सबसे बड़ी रुकावट बताया है। उन्होंने कहा कि अमरीका की नीयत में कमी युद्ध को खत्म करने में बाधा है।

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