नेता ऐसा आचरण करे, जिससे जनता को प्रेरणा मिलेः दीपेश

पीएम की अपील पर दी प्रतिक्रिया
कोरबा 13 मई। मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट को 75 दिन होने जा रहे हैं। इस दौरान दुनिया में कई प्रकार की स्थिति बनी और भारत पर भी इसका असर पड़ा। इस बीच एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो बार जनता से अपील की कि वह फिजुलखर्ची और दूसरे शौक से बचे। एटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपेश मिश्रा ने इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि नेताओं को ऐसा आचरण करना चाहिए जो प्रेरणा बने।
ट्रेड यूनियन की राजनीति से जुड़े दीपेश मिश्रा ने सीधे तौर पर कहा कि मिडिल ईस्ट में 28 फरवरी से परिस्थितियां बदली है। तब से लेकर पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में चुनाव भी हो गया और 4 मई को नतीजे भी आ गए। नेता मंत्री से लेकर हर किसी ने फिजुलखर्ची की। यह अलग-अलग क्षेत्र में शामिल रहा। सवाल यह है कि प्रधानमंत्री की अपील इस अवधि में क्यों नहीं आयी। समझा जा सकता है कि नेता ऐसे उदाहरण सेट करते हैं ताकि उनके काम निकल जाए और बाद में ऐसा दिखे कि बहुत बड़ा काम हो रहा है।
दीपेश ने कहा कि प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्रीयों और अन्य मंत्रियों के काफिले में हर रोज लाखों लीटर डीजल और पेट्रोल खर्च हो रहा है क्या यह बर्बादी नहीं है। अगर राजनैतिक स्तर से ही गाडियों का काफिला बंद तो लोग समझेंगे की अपील सही है। उन्होंने कहा कि नेताओं को भी विदेश यात्रा से लेकर पार्टियां और बड़े शौक बंद करने होंगे। ऐसा करने पर जनता कुछ सीख सकती है। अन्यथा नहीं।
