छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला’ शादीशुदा होने की जानकारी के बाद संबंध बनाना ‘रेप’ या ‘धोखाधड़ी’ नहीं, आरोपी को मिली राहत

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कानूनी मामले में सुनवाई करते हुए विवाहित पुरुष को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी महिला को पहले से यह जानकारी हो कि पुरुष शादीशुदा है, और उसके बावजूद वह स्वेच्छा से शारीरिक संबंध बनाती है, तो बाद में उस पुरुष पर ‘शादी का झांसा’ देकर शारीरिक संबंध बनाने या धोखाधड़ी का आरोप नहीं लगाया जा सकता।

क्या है पूरा मामला?

इस मामले में एक महिला ने आरोपी पुरुष पर दुष्कर्म (रेप) और धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। महिला का आरोप था कि पुरुष ने उसे शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए। हालांकि, सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि महिला को संबंध बनाने की शुरुआत से ही यह पता था कि आरोपी पुरुष पहले से विवाहित है।

कोर्ट की टिप्पणी: ‘सहमति और जानकारी का महत्व’

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय एस. अग्रवाल की एकल पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि कानून में ‘सहमति’ का अर्थ बहुत व्यापक है। अदालत ने अपने फैसले में कहा:

“यदि महिला को यह ज्ञात है कि पुरुष पहले से विवाहित है, तो ऐसी स्थिति में ‘शादी का झांसा’ देने का प्रश्न ही नहीं उठता। महिला ने पूरी जानकारी होने के बावजूद अपनी इच्छा से संबंध बनाए हैं, जिसे कानूनी रूप से अपराध की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।”

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