ईरान ने सीजफायर के दौरान होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खोल दिया, अब सभी कमर्शियल जहाजों को गुजरने की इजाजत

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: ईरान ने सीजफायर के दौरान होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खोल दिया है। विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने X पर पोस्ट कर बताया कि सभी कमर्शियल जहाजों को गुजरने की इजाजत होगी। यह फैसला लेबनान में सीजफायर के बाद लिया गया है।
उन्होंने बताया कि जहाज एक सुरक्षित रास्ते से गुजरेंगे, जिसे ईरान के पोर्ट्स और मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन ने पहले से तय कर रखा है, ताकि सफर के दौरान कोई खतरा न हो। अराघची ने कहा कि इस दौरान जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी, ताकि समुद्री व्यापार प्रभावित न हो।
इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ईरान को शुक्रिया कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही होर्मजु स्ट्रेट खुल गया है लेकिन ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी और यह सिर्फ ईरान पर लागू होगी।
ट्रम्प का दावा- ईरान यूरेनियम सौंपने को तैयार
ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान अपने एनरिच्ड (संवर्धित) यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार हो गया है। एनरिच्ड यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में होता है।
ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से यह भी कहा कि दोनों देश शांति समझौते के काफी करीब हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह डील हो जाती है तो तेल की सप्लाई शुरू हो जाएगी और हालात सामान्य हो जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर समझौता इस्लामाबाद में होता है तो वे पाकिस्तान भी जा सकते हैं। हालांकि ईरानी मीडिया ने ट्रम्प के दावे को गलत बताया है और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति हवाई किले बना रहे हैं।

परमाणु हथियार बनाने के बहुत करीब ईरान
यूरेनियम एक ऐसा पदार्थ है, जिससे परमाणु ऊर्जा भी बनाई जा सकती है और परमाणु बम भी। फर्क सिर्फ इस बात से पड़ता है कि उसे कितना एनरिच यानी शुद्ध किया गया है।
प्राकृतिक यूरेनियम में काम का हिस्सा बहुत कम होता है, इसलिए उसे मशीनों (सेंट्रीफ्यूज) के जरिए स्टेप बाय स्टेप शुद्ध किया जाता है। इसी प्रक्रिया को ‘यूरेनियम एनरिचमेंट’ कहते हैं।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसी IAEA की रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के पास कुल मिलाकर करीब 5 से 6 टन के बीच एनरिच्ड यूरेनियम मौजूद है। हालांकि, यह इतना एनरिच्ड नहीं है कि इससे परमाणु हथियार बन सकें।
अभी 120 से 130 किलोग्राम के आसपास यूरेनियम को 60% तक एनरिच्ड किया जा चुका है। अगर यह एनरिच्डमेंट 90% तक कर लिया गया तो इससे परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं।
इसलिए अमेरिका और इजराइल, ईरान पर परमाणु कार्यक्रम सीमित करने और एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने का दबाव बनाते रहे हैं।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
1. इजराइल-लेबनान सीजफायर डील: अमेरिका की पहल पर इजराइल और लेबनान शुक्रवार से 10 दिन के सीजफायर पर राजी हो गए हैं। इसका मकसद स्थायी सुरक्षा और शांति समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाना है।
2. सीजफायर की शर्तें: अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, इजराइल को आत्मरक्षा का अधिकार रहेगा, लेकिन वह लेबनान के खिलाफ जमीन, हवा या समुद्र से कोई आक्रामक कार्रवाई नहीं करेगा। वहीं लेबनान सरकार पर दबाव है कि वह हिजबुल्लाह को इजराइल पर हमले करने से रोके, हालांकि हिजबुल्लाह पर उसका सीधा नियंत्रण नहीं है।
3. ईरान-अमेरिका बातचीत: ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने को लेकर समझौता बहुत करीब है। उनके साथ पाकिस्तान में बातचीत जल्द ही फिर शुरू हो सकती है।
4. अमेरिकी मिलिट्री एक्टिविटी: अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में तैनात सैनिक फिर से हथियारों से लैस हो रहे हैं और अगर ईरान के साथ बातचीत फेल होती है, तो वे दोबारा लड़ाई के लिए तैयार हैं।
5. ट्रम्प को राहत: अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई रोकने वाला प्रस्ताव 213-214 वोट से खारिज कर दिया।
