कोरबा जिला धान उठाव में प्रदेश में अव्वल, दर्ज की शून्य प्रतिशत शॉर्टेज

कुल 27 लाख 47 हजार 101.2 क्ंिवटल धान की हुई थी खरीदी
कोरबा 12 अप्रैल। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप और कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के कुशल मार्गदर्शन में और जिला प्रशासन के सटीक प्रबंधन की बदौलत कोरबा जिले ने धान खरीदी और उठाव के क्षेत्र में प्रदेश में एक मिसाल कायम की है। खरीफ वर्ष 2025-26 के दौरान जिले ने शून्य प्रतिशत शॉर्टेज (शून्य कमी) के साथ शत-प्रतिशत धान उठाव का लक्ष्य हासिल कर छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिले के सभी 65 उपार्जन केंद्रों में पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए कुल 27 लाख 47 हजार 101.2 क्ंिवटल धान की खरीदी की गई थी। प्रशासन की सक्रियता और मिलरों के साथ बेहतर समन्वय का ही परिणाम है कि खरीदे गए पूरे धान का सफल उठाव कर लिया गया है और वर्तमान में केंद्रों में शेष धान की मात्रा शून्य है।
धान खरीदी के दौरान कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने स्वयं विभिन्न केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया और अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए थे। उन्होंने समय-समय पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व , खाद्य अधिकारी, उप पंजीयक , डीएमओ और सीसीबी के नोडल अधिकारियों की बैठक लेकर मिलरों के साथ बेहतर तालमेल बिठाने और धान के त्वरित उठाव पर जोर दिया। इसी प्रशासनिक सक्रियता का परिणाम है कि जिले के सभी केंद्रों में अब शेष धान की मात्रा शून्य है।
खरीदी नोडल खाद्य विभाग के अधिकारी श्री जी एस कंवर ने बताया कि कोरबा जिले के 65 केंद्रों के माध्यम से कुल 27 लाख 47 हजार 101.2 किं्वटल धान की खरीदी की गई थी। इसमें मोटे धान की मात्रा 27,39,630.4 किं्वटल और पतले धान की मात्रा 7,470.8 किं्वटल रही। प्रशासन की मुस्तैदी के चलते इस पूरी मात्रा का शत-प्रतिशत उठाव कर लिया गया है। जिले के प्रमुख केंद्रों जैसे बरपाली में 88,370.8 किं्वटल, भैसमा में 88,054.4 किं्वटल और नवापारा में 86,800 किं्वटल धान का सफलतापूर्वक उठाव पूर्ण हुआ।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन के साथ-साथ राजस्व विभाग, कृषि विभाग, खरीदी के नोडल खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग, नोडल अधिकारी सीसीबी और मार्कफेड के अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय ने इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मिलरों के सक्रिय सहयोग और केंद्रों में समिति प्रबंधकों सुव्यवस्थित प्रबंधन की वजह से ही कोरबा जिला धान उठाव और प्रबंधन के मामले में मिसाल पेश करने में सफल रहा है।
