हसदेव सड़क पुल जर्जरः लोगों को गुबार के बीच आवागमन करने की मजबूरी

कोरबा 05 अपै्रल। पॉवर सिटी कोरबा में ट्रैफिक का दबाव बढने के कारण चुनौतियां ज्यादा हैं। जनता भी त्रस्त हैं और ट्रैफिक पुलिस भी। इससे छुटकारा पाने के लिए 12 करोड़ से बांयीतट नहर पर समानान्तर पुल की योजना बनायी गई है। इन सबके बीच कुसमुंडा मार्ग पर हसदेव सडक पुल की रोड जर्जर हो गई है। गुबार के बीच आवागमन करना लोगों की जरूरत भी है और मजबूरी भी।
हर रोज हजारों की संख्या में यहां से वाहन दौड़ रहे हैं और इनसे कई गुना अधिक संख्या में नागरिक। इन दोनों के हिस्से में चलना लिखा है। उन्हें इस बात से मतलब नहीं है कि रोड की स्थिति क्या है और ऐसा किस लिए हुआ है। सर्वमंगला रोड से मुख्य तिराहे तक 800 मीटर के हिस्से में पुरी सडक जर्जर हो गई है। हसदेव सडक सेतु में कई जगह कांक्रीट पेनल के दोनों तरफ बड़े-बड़े गेप आ गए हैं। इसके अलावा पुल और सडक का बहुत सारा हिस्सा गड्ढों में है। चूंकि इन्हीं पर से होकर हर रोज मालवाहको सहित पब्लिक ट्रंासपोर्ट और लोगों की निजी गाडियों का आना जाना हो रहा है, इसलिए सडक पर दबाव जस की तस बना है। इस वजह से सडक और पुल के गड्ढे लगातार अपना आकार बढ़ा रहे हैं। वाहनों के चलने से उडने वाला कोयला और धूल का गुबार इस पूरे रास्ते में अजीब स्थिति पैदा करता है। मुंह ढककर चलने पर भी ज सामान्य को कई प्रकार की दिक्कतें हो रही है। ऊपर से इस बात का खतरा बना रहता है कि प्रतिस्पर्धा के दौर में पता नहीं क्या हो जाए।
क्वांर नवरात्र पर्व के पहले से ही हसदेव सडक पुल जर्जर दशा में रहा। उम्मीद थी कि जल्द ही सुधार कार्य होगा और लोगों को राहत मिलेगी। चौत्र नवरात्र भी इस दौर में गुजर गया। अब सडक की दशा जस की तश है। लोग जान जोखिम में डालकर आना जाना कर रहे हैं। एक तरफ जिला खनिज न्यास से शहर की कुछ सडकों का ठीक कराने का काम किया गया है। लेकिन हसदेव सडक पुल की दशा को ठीक कौन कराएगा।
