1 अपै्रल से सरकारी दफ्तरों में बिजली अब रिचार्ज सिस्टम से चलेगी

कोरबा 30 मार्च। छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोग का तरीका अब पूरी तरह बदलने जा रहा है। राज्य में रिचार्ज की तरह बिजली इस्तेमाल करने की व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत 1 अप्रैल से सरकारी विभागों के बिजली कनेक्शन प्रीपेड सिस्टम में बदले जाएंगे। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पहले चरण में ब्लॉक स्तर के करीब 45 हजार सरकारी बिजली कनेक्शन प्रीपेड किए जाएंगे। इसके लिए तेजी से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगाने का काम अंतिम चरण में।
राज्य में कुल 1.72 लाख सरकारी कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। इनमें से लगभग 1.5 लाख मीटर पहले ही इंस्टॉल किए जा चुके हैं। बाकी बचे करीब 22 हजार मीटर पंचायतों और आंगनबाड़ी केंद्रों में लगाए जा रहे हैं। उम्मीद है कि 1 अप्रैल से पहले यह काम पूरा हो जाएगा। 3000 करोड़ से ज्यादा का बकाया बना वजह सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है। अगस्त 2024 में 1988 करोड़ रुपये मार्च 2025 में 2444.91 करोड़ रुपये और वर्तमान अनुमानः करीब 3000 करोड़ रुपये है। सबसे ज्यादा बकाया राज्य सरकार अब इस बकाया को विभागों के बजट से किस्तों में पावर कंपनी को दे रही है। हाल ही में 600 करोड़ रुपये की एक किस्त जारी भी की गई है। जिससे नगरीय निकाय: 92000 करोड़ रुपये, विकास विभागः 600 करोड़ रुपये से अधिक हैं, वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विभाग की बड़ी हिस्सेदारी रहेगी। तीन महीने का अनिवार्य रिचार्जप्रीपेड सिस्टम लागू होने के बाद सभी सरकारी विभागों को कम से कम तीन महीने का एडवांस रिचार्ज कराना होगा।
रिचार्ज राशि विभाग के औसत मासिक बिल के आधार पर तय होगी। रिचार्ज खत्म होने से पहले दोबारा भुगतान करना अनिवार्य होगा। इससे बिजली कंपनियों को समय पर भुगतान मिलेगा और बकाया की समस्या कम होगी। आम जनता पर भी लागू हो सकती है योजनाहालांकि फिलहाल यह व्यवस्था केवल सरकारी कनेक्शनों तक सीमित है, लेकिन भविष्य में इसे घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर भी लागू किया जा सकता है।
