03 बडे़ बकायादारों की सम्पत्ति की गई सील, जिनमें 02 बकायादारों द्वारा राशि जमा करने पर हटाई गई सीलिंग

कर न जमा करने वालों पर कड़ी कार्यवाही कर रहा है निगम, अभी सीलबंदी, बाद में होगी कुर्की की भी कार्यवाही
कोरबा 21 मार्च। निगम को देय सम्पत्तिकर संबंधित करदाताओं द्वारा न पटाये जाने परा आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय के निर्देश पर 03 बडे़ बकायादारों की सम्पत्तियों को निगम अमले ने सील कर दिया, जिनमें से 02 बकायादारों द्वारा तत्काल बकाया राशि जमा करा दी गई, परिणाम स्वरूप उनकी सम्पत्तियों को सीलिंग से मुक्त कर दिया गया, वहीं 01 बकायादार की सम्पत्ति अभी भी सील है।
नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा ऐसे बडे़ बकायादारों जिनके द्वारा निगम को देय बकाया करों के भुगतान किए जाने में रूचि नहीं ली जा रही है तथा बार-बार वारंट, नोटिस दिए जाने के बावजूद उनके द्वारा बकाया करों की राशि निगम में जमा नहीं कराई जा रही, ऐसे बकायादारों के विरूद्ध निगम कड़ी कार्यवाही कर रहा है। यहॉं उल्लेखनीय है कि निगम द्वारा सम्पत्तिकर, समेकित कर, जलकर आदि सहित विभिन्न करों की एक बड़ी बकाया राशि बकायादारों से प्राप्त की जानी है, इस हेतु निगम द्वारा बकायादारों को बार-बार नोटिस व वारंट आदि जारी कर बकाया राशि का भुगतान निगम कोष में किए जाने हेतु कहा जा रहा है, किन्तु बकायादारों द्वारा राशि जमा करने में रूचि नहीं दिखाई जा रही है, जिसके कारण एक ओर जहॉं निगम को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है, वहीं नगर के विकास व नागरिक सुविधाओं की बेहतरी पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ना संभावित हैं। आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय के कडे निर्देश पर नगर निगम के राजस्व अमले द्वारा अब इन बकायादारों के विरूद्ध  कड़ी कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में कोरबा जोनांतर्गत श्री बी.पी.मोदी बकाया राशि 01 लाख 81 हजार 56 रूपये, अनूपचंद अग्रवाल 02 लाख 32 हजार 653 रूपये तथा शंकरशरद अग्रवाल बकाया राशि 91 हजार 602 रूपये की सम्पत्ति को निगम के द्वारा सील कर दिया गया था, जिस पर बी.पी.मोदी ने तत्काल बकाया कर की सम्पूर्ण राशि जमा करा दी, इसी प्रकार अनूपचंद अग्रवाल ने 01 लाख 50 हजार रूपये निगम कोष में जमा कराये तथा शेष बकाया राशि 31 मार्च तक जमा कराने का पत्र प्रस्तुत किया, जिस पर उक्त दोनों करदाताओं की सम्पत्ति को सीलिंग मुक्त कर दिया गया है, जबकि बकायादार शंकरशरद अग्रवाल के द्वारा बकाया राशि जमा न किये जाने पर उनकी सम्पत्ति अभी भी सील है। 

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