राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अयोध्या में किया श्रीराम यंत्र का पूजन, दुनिया का इकलौता यंत्र तमिलनाडु में तैयार

अयोध्या। नवरात्रि के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अयोध्या के राम मंदिर पहुंचीं। उन्होंने रामलला के दर्शन किए और राम दरबार में श्रीराम यंत्र की स्थापना की।
राष्ट्रपति के स्वागत के लिए महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री मौजूद थे। करीब साढ़े 10 बजे पहुंचने के बाद उन्होंने मंदिर परिसर का दौरा किया।
राम यंत्र की खासियत
यह केवल धातु की आकृति नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय ऊर्जा का गणितीय और आध्यात्मिक स्वरूप है।
शास्त्रों के अनुसार, जैसे ‘श्री यंत्र’ देवी लक्ष्मी का प्रतीक है, वैसे ही ‘श्रीराम यंत्र’ भगवान श्रीराम की विजय और मर्यादा का प्रतीक है।

इसे विशेष धातुओं के मिश्रण और वैदिक गणनाओं के अनुसार तैयार किया गया।
राम यंत्र का निर्माण कांचीपुरम स्थित मठ में हुआ, उसके बाद इसे तिरुपति (आंध्र प्रदेश) और फिर रथयात्रा के जरिए अयोध्या लाया गया।
यंत्र का वजन 150 किलो है और इसे सोने की परत से सजाया गया।
वैदिक मंत्रों के बीच मंदिर के द्वितीय तल पर यंत्र की स्थापना और पूजन वैदिक आचार्यों ने सम्पन्न करवाया। इस मौके पर मंदिर में एक आध्यात्मिक वातावरण बना रहा, और श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

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