कालाहांडी में छत्तीसगढ़ के 11 नक्सलियों ने किया सरेंडर, सुकमा में बड़ा नक्सली डंप बरामद

कालाहांडी। बस्तर के माओवादियों का छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती राज्यों में सरेंडर का सिलसिला जारी है। रविवार को ओडिशा के कालाहांडी में 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है।

सरेंडर करने वाले नक्सलियों में तीन कमांडर लेवल के हैं। ओडिशा पुलिस कि अनुसार इनमे एक DVCM और चार 4 ACM स्तर के नक्सली हैं। सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने एक एके 47, चार एसएलआर गन और 12 बोर तथा सिंगल शॉट बंदूकें भी सरेंडर की हैं। अफसरों ने बताया किसरेंडर करने वालो में कई नक्सली बस्तर के अलग अलग जिलों के निवासी है। सरेंडर करने वाले इन नक्सलियों पर छत्तीसगढ़ में 1 करोड़ 34 लाख का इनाम भी घोषित था।

सुकमा में नक्सलियों का मिला खुफिया डंप

उधर, शनिवार को छत्तीसगढ़ की सुकमा पुलिस को मिली बड़ी सफलता नक्सलियों के द्वारा छुपाया मौत का समान बरामद जैसे-जैसे 31 मार्च का दिन करीब आता जा रहा है, वैसे-वैसे एंटी नक्सल ऑपरेशन में और तेजी आती जा रही है. शनिवार को जंगल में सर्चिंग अभियान के दौरान जवानों को बड़ी सफलता हाथ लगी. जवानों ने नक्सलियों की बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए, विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद किया. माओवादियों ने बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए विस्फोटकों का जखीरा जंगल में गड्ढा खोदकर गाड़ रखा था.

दरअसल फोर्स को खुफिया सूचना मिली थी कि सुकमा क्षेत्र के ग्राम गोमगुड़ा के पोडियमपारा इलाके में नक्सलियों ने बड़ी मात्रा में सामग्री और विस्फोटक छिपाकर रखा है. सूचना मिलते ही 226 बटालियन सी आर पी एफ की सी कंपनी ने कार्रवाई करते हुए 14 मार्च 2026 की सुबह करीब 05:50 बजे एक विशेष एंबुश ऑपरेशन शुरू किया. ऑपरेशन को सहायक कमांडेंट जी . नबी के नेतृत्व में संचालित किया गया, जबकि कमांडेंट एच. पी. सिंह और द्वितीय कमान अधिकारी बीरेंद्र कुमार के समग्र मार्गदर्शन और पर्यवेक्षण में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया. जवानों की टीम ने एफओबी गोमगुड़ा से लगभग एक किलोमीटर पश्चिम दिशा में स्थित पोडियमपारा क्षेत्र की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया।

घने जंगलों और कठिन भौगोलिक स्थितियों के बीच जवानों ने बेहद सतर्कता के साथ इलाके की जांच शुरू की. इसी दौरान निर्धारित जीआर लोकेशन के आसपास एक संदिग्ध नक्सली डंप साइट का पता चला. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे इलाके को तुरंत घेर लिया गया और के-9 तथा बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल (BDD) स्क्वॉड की मदद से गहन तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए कई सामान और विस्फोटक सामग्री मिली है।

बरामद किए गए सामान इस प्रकार हैं -,
18 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, काला तिरपाल प्लास्टिक पिट्ठू बैग, स्लीपिंग बैग, नक्सली पत्रिका, चाकू और मेडिकल सामान इलेक्ट्रिकल वायर, चार्जर, डेटा केबल, बैटरी, स्विच, ड्राइंग मैप चार्ट पेपर, 50 लीटर का ब्लू ड्रम, स्टील टिफिन बॉक्स, छाता और कपड़े, एंटी बरामद की गई सभी सामग्री को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सुरक्षित रूप से जब्त कर लिया गया. इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा निगरानी और सर्च अभियान और भी तेज कर दिया गया है ताकि नक्सलियों की किसी भी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके. इस संबंध में 226 बटालियन के कमांडेंट ने कहा, नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए सुरक्षा बल पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जवान दिन-रात कठिन परिस्थितियों में भी पूरी सतर्कता के साथ अभियान चला रहे हैं, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके

कमांडेंट ने कहा कि जवानों के साहस, सतर्कता और पेशेवर दक्षता की बदौलत हमारा अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा. सुरक्षा बलों का लक्ष्य है कि सुकमा और आसपास के इलाकों को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाया जाए, ताकि यहां के ग्रामीण भय के माहौल से बाहर निकलकर विकास और खुशहाली की राह पर आगे बढ़ सकें।

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