अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना ने भानू -पूनम की जिंदगी में बिखेरी खुशियां , आदिवासी विकास विभाग से 2.50 लाख रुपए की मिली प्रोत्साहन राशि

कोरबा । प्रदेश में अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने और सामाजिक समरसता (अस्पृश्यता निवारण) के लिए शासन द्वारा “छत्तीसगढ़ अस्पृश्यता निवारणार्थ संचालित अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना” आकांक्षी जिला कोरबा में भी खुशियां बिखेर रही । योजना के अंतर्गत एक और दंपत्ति लाभान्वित हुए हैं। भानू प्रकाश -पूनम साहू ने एक दूजे का दामन थाम योजना की सार्थकता सिद्ध की है। जिन्हें योजनानुरूप आदिवासी विकास विभाग द्वारा 2 लाख 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर उनके सुखद भविष्य की कामना की गई है। राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर दंपत्ति को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया जाएगा।
कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार भानू प्रकाश पिता शत्रुहन लाल उम्र 32 वर्ष ,अनुसूचित जाति निवासी मकान नं.754 ,जेवू दफाई ,सुराकछार कोरबा , जिला-कोरबा का (छ.ग.) का पूनम साहू पिता माधो लाल साहू,उम्र 31 वर्ष (अन्य पिछड़ा वर्ग ) निवासी मकान नंबर 05 मेघ मार्केट नगर पंचायत उत्तई , वार्ड नंबर 04 उतई ,दुर्ग ,जिला -दुर्ग (छ.ग.) के द्वारा छ.ग.शासन आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन अटल नगर नवा रायपुर अंतर्गत संचालित योजना अस्पृश्यता निवारणार्थ अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन पुरुस्कार योजना अंतर्गत दिनांक 02 मई 2025 को विवाह संपन्न होने,नियमानुसार आवेदन उपरांत शासन द्वारा उक्त दंपत्ति को 2 लाख 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत किया गया है। उक्त दंपत्ति को प्रोत्साहन के तौर पर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा (छ.ग.) के द्वारा 2.50 ( लाख )स्वीकृत किया जाकर 1 लाख दंपत्तियों के संयुक्त खाते में भुगतान किया गया ,तथा शेष राशि 1.50 लाख को उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 03 वर्ष के लिए सावधि खाता में जमा कराया गया है।
गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग द्वारा भानू -पूनम(दंपत्ति) को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया जाएगा। सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर ने नव दंपत्तियों को उक्त प्रोत्साहन राशि नियमानुसार जारी कराकर उज्ज्वल भविष्य एवं सफल जीवन की कामना की । चालू वित्तीय वर्ष 2025 -26 में अब तक 11नवदंपत्ति उक्त योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। जो योजना की सार्थकता को स्वतः सिद्ध कर रहा।
योजना के मुख्य बिंदु
प्रोत्साहन राशि: योजना के अंतर्गत, पात्र विवाहित जोड़े को 2.50 लाख (ढाई लाख रुपये) तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
पात्रता (Eligibility):
दूल्हा या दुल्हन में से एक व्यक्ति अनुसूचित जाति (SC) समुदाय का होना चाहिए।
दूसरा जीवनसाथी गैर-अनुसूचित जाति (सामान्य या अन्य पिछड़ा वर्ग) से होना अनिवार्य है।
यह दोनों का पहला विवाह होना चाहिए।
विवाह हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के तहत कानूनी रूप से पंजीकृत होना चाहिए।
आवेदनकर्ता अनुसूचित जाति का जिस जिले का निवासी है उसी जिले में आवेदन करने की पात्रता रखेगा।
आवेदन की समयसीमा: विवाह के 1 वर्ष के भीतर आवेदन करना आवश्यक है।
वितरण की प्रक्रिया: मिली जानकारी के अनुसार, प्रोत्साहन राशि का कुछ हिस्सा सीधे खाते में और शेष राशि फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में दी जाती है।
आवश्यक दस्तावेज:
विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र (मैरिज सर्टिफिकेट )
जाति प्रमाण पत्र।
निवास प्रमाण पत्र (छत्तीसगढ़ का)।
आधार कार्ड (वर-वधू दोनों का)।
संयुक्त बैंक खाता विवरण।
आवेदन कैसे करें:
आवेदक जिले के कलेक्टोरेट परिसर में संचालित आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके अलावा, राज्य के आदिवासी और अनुसूचित जाति विभाग की वेबसाइट (tribal.cg.gov.in) पर भी जानकारी उपलब्ध है।
