जीवनदीप समिति की बैठक अरसे से नहीं, पाली सीएचसी में आर्थिक गड़बड़ी की आशंका

कोरबा 09 मार्च। रोगी कल्याण समिति के स्थान पर भाजपा के पूर्व शासनकाल में बनी जीवनदीप समिति पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दम तोड़ रही है। इस समिति की गत एक वर्ष से न तो सामान्य सभा न ही साधारण सभा बैठकें हो रही है और न ही सालाना बजट तैयार हो रही है। मरीजों से लिये जाने वाले शुल्क राशि की भी जानकारी परामर्शदात्री समिति के सदस्यों को नही है। इससे लाखों रुपए के गड़बड़ी की आशंका व्यक्त की गई है।
अस्पताल प्रबंधन व स्वास्थ्य सेवाओं की क्वालिटी सुधारने और मरीजों को सस्ते दर पर ईलाज उपलब्ध कराने पारदर्शिता के लिए बनी जीवन दीप समिति की बैठक गत एक वर्ष से पाली सीएचसी में नहीं हुई हैए जो गंभीर लापरवाही है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ताए दवाइयों की उपलब्धता और रख. रखाव प्रभावित हो रहे है। जबकि यह समिति जनभागीदारी से अस्पताल के प्रबंधन को सुदृढ करने के लिए हैए जिसका उद्देश्य फंड का सही उपयोग और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना है। बैठक न होने से अस्पताल के संचालन और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में कमी आ गई है। जानकारी के अनुसार जीवन दीप समिति को जांच शुल्क और अन्य माध्यम से राशि मिलती हैए लेकिन बैठक के अभाव में कार्यों और बजट का सही उपयोग ;आय. व्यय की समीक्षाद्ध नही हो पा रही है। इसके अलावा समिति के माध्यम से डॉक्टर या नर्स की संविदा नियुक्ति में देरी सहित वार्ड में सफाईए पानी की व्यवस्था या अन्य आवश्यक उपकरण खरीदनेए एंबुलेंसए रोगियों के लिए भोजनए मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट जैसे जनभागीदारी के फैसले में अभाव देखा जा रहा है। ऐसे में पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिना जीवन दीप समिति सामान्य सभा के अनुमोदन के विकास कार्य के लिए मिले धन को खर्च कर रहे है। जबकि बिना समिति बैठक अनुमोदन के आय. व्यय का आडिट भी नही कराया जा सकता।
बता दें कि सीएचसी में आए धन को जीवन दीप समिति की सामान्य सभा के बैठक में अनुमोदित किया जाना जरूरी है। साथ मे समिति को यह अधिकार दिया गया है कि समिति में शामिल सदस्यों की सहमति के बाद ही अस्पताल से जुड़े कोई कार्य कराया जाए। पाली सीएचसी में गत एक वर्ष से जीवन दीप समिति की बैठक किन कारण से नही होने को लेकर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग पाली के परामर्शदात्री समिति सदस्य एवं नगर पंचायत की पार्षद श्रीमती दीप्ति दीपक शर्मा से जानकारी लिए जाने पर उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि स्थानीय सरकारी अस्पताल में कौन सा कार्य होने वाला हैए इसकी जानकारी तक उन्हें नही दी जाती है। नियमः बगैर बैठक कराए कोई कार्य नही किये जाने का जीवन दीप समिति में प्रावधान है। इस बाबत बैठक के लिए प्रभारी खंड चिकित्साधिकारी को कई बार बोला गया लेकिन उनकी बात अनसुनी की गई है।
