संज्ञान में आई जेल सुरक्षा की कमजोरी: अब 4G-5G जैमर से अभेद्य होगी निगरानी

रायपुर। प्रदेश की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत बनाने के लिए सरकार ने बड़ा तकनीकी बदलाव शुरू करने की तैयारी कर ली है। जेल मुख्यालय ने पुराने 2जी मोबाइल जैमर्स को हटाकर 4जी और 5जी नेटवर्क ब्लॉक करने वाली आधुनिक तकनीक लगाने का फैसला किया है।
अधिकारियों के अनुसार मौजूदा जैमर केवल 2जी नेटवर्क को रोक पाते हैं, जबकि कैदी अब 4जी सिम और 5जी स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए Harmonious Call Blocking System (HCBS) और नॉइज़ टेक्नोलॉजी जैसे उन्नत सिस्टम लागू किए जाएंगे, जिससे कॉल के साथ इंटरनेट आधारित सेवाएं भी बंद हो सकेंगी।
नई व्यवस्था लागू करने के लिए तिहाड़ जेल और यरवदा सेंट्रल जेल के सुरक्षा मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जैमर की रेंज केवल जेल परिसर तक सीमित रहे, ताकि आसपास के नागरिकों के मोबाइल नेटवर्क प्रभावित न हों।
सरकार का मानना है कि इस तकनीकी अपग्रेड से जेल के भीतर अवैध मोबाइल संचालन पर पूरी तरह रोक लग सकेगी और सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
