कोरबा को मिली नई सौगातः 100 बेड वाले आधुनिक ‘शिवाय हॉस्पिटल’ का 7 मार्च को होगा शुभारंभ


कोरबा 28 फरवरी। ऊर्जा नगरी कोरबा के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है। आगामी 07 मार्च 2026, शनिवार को शहर में 100 बेड की सर्वसुविधायुक्त स्वास्थ्य संस्था ‘शिवाय हॉस्पिटल’ नया बस स्टैंड कोरबा का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा।
कोरबा प्रेस क्लब में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान अस्पताल के संचालक और प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. दिविक एच. मित्तल ने बताया कि इस अस्पताल की स्थापना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को महानगरों जैसी उच्चस्तरीय और सुरक्षित चिकित्सा सुविधाएं किफायती दरों पर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर डॉ. आस्था वैष्णव, डॉ. अमन श्रीवास्तव और डॉ. यशा मित्तल भी उपस्थित रहे।

अस्पताल की प्रमुख विशेषताएं और सुविधाएंः
24×7 आपातकालीन सेवाः किसी भी आपात स्थिति के लिए प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ और आधुनिक लाइफ-सपोर्ट सिस्टम हमेशा उपलब्ध रहेंगे।
अत्याधुनिक क्रिटिकल केयरः अस्पताल में 20 बेड का एडल्ट आईसीयू और बच्चों के लिए विशेष 20 बेड का अत्याधुनिक नवजात शिशु आईसीयू (एनआईसीयू ) तैयार किया गया है।
मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटरः अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप 4 अत्याधुनिक मॉड्यूलर ओटी स्थापित किए गए हैं।
विशिष्ट विभागः यहाँ न्यूरो सर्जरी, हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग, जनरल सर्जरी और रेडियोलॉजी जैसे प्रमुख विभाग एक ही छत के नीचे संचालित होंगे।
डायग्नोस्टिक सेवाएंः सीटी स्कैन, सोनोग्राफी, डिजिटल एक्स-रे और सी-एआरएम मशीन जैसी सुविधाएं त्वरित जांच में मदद करेंगी।
डायलिसिस यूनिटः किडनी रोगियों के लिए आधुनिक डायलिसिस की सुविधा भी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी।

छत्तीसगढ़ का पहला ‘स्पाइनल मोबाइलाइज ट्रैक्शन यूनिट
अस्पताल की सबसे बड़ी विशेषता इसका फिजियोथेरेपी विभाग है। यहाँ एडवांस लेजर तकनीक और सायटिका के लिए विशेष स्पाइनल डेकोम्प्रेशन मशीन उपलब्ध है। डॉ. मित्तल ने बताया कि छत्तीसगढ़ का पहला स्पाइनल मोबाइलाइज ट्रैक्शन यूनिट यहाँ लगाया गया है, जो स्लिप डिस्क और रीढ़ की हड्डी की समस्याओं के बिना ऑपरेशन उपचार में क्रांतिकारी साबित होगा।

शिवाय हॉस्पिटल प्रबंधन ने जानकारी दी कि भविष्य में यहाँ कार्डियोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसी सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को भी चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा, ताकि मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर न भागना पड़े।

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