नगर सेना जवान ने की आत्महत्या की कोशिश मामलाः कार्यालय परिसर में जवानों का धरना प्रदर्शन जारी

जिला सेनानी अनुज एक्का के खिलाफ कार्रवाई की मांग
कोरबा 27 जनवरी। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कार्यरत होमगार्ड के सभी नगर सैनिक अपने बर्खास्त साथी की बहाली, जिला सेनानी का तबादला और नगर सैनिकों को प्रताड़ित करने वाले अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर बेमियादी धरना पर बैठ गए हैं। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि धरना समाप्त करने के लिए अभी तक प्रशासन ने कोई पहल नहीं की है।

नगर सैनिकों का आरोप है कि होमगार्ड के जिला सेनानी अनुज एक्का लंबे समय से नगर सैनिकों को प्रताड़ित कर रहे हैं। महिला सैनिकों के साथ भी उनका व्यवहार आपत्तिजनक रहता है। जिला सेनानी की प्रताड़ना से आक्रोशित नगर सैनिकों ने पिछले माह भी उन्हें हटाने की मांग करते हुए धरना शुरू किया था। उस समय संभागीय सेनानी बिलासपुर नरसिंह नेताम में सम्मेलन आयोजित कर नगर सैनिकों की समस्याएं सुनी थी। लेकिन इसके बाद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नगर सैनिक संतोष पटेल को कथित रूप से डराया धमकाया गया और फिर बर्खास्त कर दिया गया।
बर्खास्तगी की कार्रवाई से संतोष पटेल व्यथित हो उठा। उसने गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को एक पत्र लिखकर जहरीला पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया। इस पत्र में जिला सेनानी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद संतोष पटेल को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया।गया जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए आज 27 जनवरी को राजधानी रायपुर रिफर कर दिया गया।
नगर सेना (होमगार्ड) के जवान संतोष पटेल द्वारा कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या का प्रयास किए जाने के बाद जिले में तनाव की स्थिति बन गई है। घटना से आक्रोशित नगर सैनिकों ने मंगलवार को काम बंद कर जिला सेनानी कार्यालय परिसर में धरना शुरू कर दिया है।
आपको बता दे कि पूरा देश 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के उल्लास में दबा हुआ था। उसी समय पीड़ित नगर सैनिक संतोष पटेल ने कलेक्टर कार्यालय परिसर में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया जिसके बाद उसकी हालत गंभीर हो गई। मौके पर मौजूद लोगों की सूचना पर उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसका इलाज जारी है।
घटना के बाद संतोष पटेल के पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया है। नोट में उसने डिविजनल कमांडेंट और कोरबा कमांडेंट पर मानसिक प्रताड़ना, अपमान और बर्खास्तगी की धमकियों के गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने लिखा है कि लगातार दबाव और प्रताड़ना के कारण वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था।
सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख है कि उसने अपनी समस्या को लेकर पूर्व में जिला प्रशासन से शिकायत की थी और इस संबंध में बैठक भी हुई थी लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। आरोप है कि अधिकारियों द्वारा उसे बार-बार अकेले में बुलाकर मानसिक दबाव बनाया गया और अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाने को “नेतागिरी” बताया गया।
घटना से नाराज नगर सैनिकों ने मंगलवार की सुबह से जिला सेनानी कार्यालय परिसर में धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शन कर रहे जवानों की मांग है कि संतोष पटेल को बर्खास्त न किया जाए, जिला सेनानी का तत्काल तबादला किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ थ्प्त् दर्ज की जाए। नगर सैनिकों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
नगर सैनिकों के धरना स्थल पर एहतियातन पुलिस बल की तैनाती की गई है। हालांकि अब तक कोई भी वरिष्ठ पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी धरना समाप्त करने मौके पर नहीं पहुंचा है। इसे लेकर भी प्रदर्शनकारियों में नाराजगी देखी गई।
