छत्तीसगढ़: पीएमजीएसवाय चतुर्थ चरण के कार्य में भ्रष्टाचार की PM से ननकीराम कंवर ने शिकायत की

रायपुर. छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता ननकीराम कंवर ने फिर से अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पीएम को लिखे पत्र में ननकीराम कंवर ने छग ग्रामीण विकास अभिकरण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में पदस्थ प्रभारी अभियंता पर अरबों रुपए का भ्रष्टाचार करने और गलत तरीके से नौकरी प्राप्त करने का आरोप लगाया है।
पत्र में उन्होंने लिखा है कि भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा पीएमजीएसवाय चतुर्थ चरण 2025-26 बैच में छत्तीसगढ़ को 24 जिलों के लिए 734 सड़क लंबाई 2427 किमी लागत 2225 करोड़ की स्वीकृति मिली है। प्रभारी प्रमुख अभियंता द्वारा उपरोक्त निविदा लगाई गई है। प्रभारी प्रमुख अभियंता और विभाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दोनों के ऊपर भ्रष्टाचार की जांच ईओडब्ल्यू और एसीबी कर रही है। इनके द्वारा निविदा सूचना क्रमांक 1076 को दूषित प्रक्रिया अपनाकर लगाई गई है। साथ ही उन्होंने पत्र में लिखा है कि प्रभारी प्रमुख अभियंता के खिलाफ उच्च स्तरीय छानबीन समिति में प्रकरण दर्ज है। इसकी भी जांच वर्षों से लंबित है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में इनके द्वारा 80-80 किमी की कई ब्लॉकों को जोड़कर 30-40 करोड़ की निविदा बनाई गई है, जो गलत है। सबसे बड़ा खेल बिड कैपेसिटी की गणना एम-3 की जगह एम 2 कर दिया गया है। जबकि 2001 से आज तक एम 3 ही थी। छग पीडब्ल्यूडी में एम 2.5 है।
पूर्व मंत्री कंवर ने पत्र में यह भी लिखा है कि भारत सरकार में मोर्थ के पीएमजीएसवाय डॉक्यूमेंट परफारमेंस गारंटी तथा अतिरिक्त परफारमेंस गारंटी ही राशि बैंक गारंटी के रूप में ली जाती है। लेकिन अधिकारियों द्वारा भारत सरकार के मोर्थ के नियम के विपरीत अन बैलेंस निविदा में एपीएस राशि जमा करने के लिए नया तरीका अपनाया गया, जिससे प्रतिस्पर्धा न हो सके। इन्होंने अन बैलेंस की परिभाषा एसबीडी के विपरीत पीएसी के 90 प्रतिशत राशि से जितना नीचे जाओगे इतनी राशि का एफडीआर जमा करें या इस राशि का दो गुना बैंक गारंटी जमा करें। इससे प्रदेश के छोटे ठेकेदार बाहर हो जाएंगे। इसके अलावा दो करोड़, पांच करोड़, 12 करोड़, 15 करोड़, 20 करोड़, 30 करोड़ व 40 करोड़ की सभी निविदाओं के कार्य पूर्ण करने का समय 12 माह दिया गया है।
