युवक की संदिग्ध आत्महत्या, परफ्यूम पीने के बाद लगाई फांसी

कोरबा-कटघोरा 13 जनवरी। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने कथित तौर पर पहले परफ्यूम पीया और फिर घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। चार दिन तक इलाज के बाद युवक की जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में शोक का माहौल है, वहीं मामले को लेकर पुलिस जांच में जुटी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कटघोरा निवासी 28 वर्षीय विद्यासागर मिस्त्री पेशे से कारीगर था। उसकी शादी वर्ष 2025 में हुई थी और उसकी पत्नी वर्तमान में सात माह की गर्भवती है। सोमवार 5 जनवरी को वह बाहर से घर लौटा और अपने छोटे भाई से ऑनलाइन मंगाया हुआ परफ्यूम मांगा। इसके बाद उसने परफ्यूम लगाया और उसे लेकर अपने कमरे में चला गया, जहां कथित तौर पर परफ्यूम पीने के बाद फांसी लगा ली। कुछ समय बाद जब परिजनों को इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने उसे तत्काल नीचे उतारकर कटघोरा सरकारी अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया, जहां चार दिन तक इलाज चला, लेकिन अंततः उसकी मौत हो गई।
घटनास्थल से परफ्यूम की खाली शीशी बरामद की गई है। परिजनों ने कटघोरा थाना पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के बड़े भाई बजरंग सिंह उइके ने बताया कि विद्यासागर स्वभाव से शांत और शालीन था, हालांकि पिछले कुछ समय से उसकी मानसिक स्थिति अस्थिर रहती थी। परिजनों का दावा है कि वह जादू-टोना और अंधविश्वास के कारण मानसिक रूप से परेशान था, इसी वजह से उसने यह कदम उठाया।
इस संबंध में जिला अस्पताल चौकी प्रभारी सुरेश मणि सोनवानी ने बताया कि मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मामले की जांच के लिए डायरी संबंधित थाने को भेजी जा रही है। वहीं चिकित्सकों का कहना है कि जादू-टोना केवल एक अंधविश्वास है, वास्तविक रूप से यह किसी की मौत का कारण नहीं बन सकता, लेकिन ऐसे भ्रम के चलते व्यक्ति मानसिक दबाव में आ सकता है।
